नज़रूल इस्लाम (Nazrul Islam) के रूप में पहचाने जाने वाले भू-माफिया (Land Mafia) को लुमडिंग पुलिस ने गोली मार दी थी, जब उन्होंने लुमडिंग रिजर्व फॉरेस्ट में ले जाने के दौरान उनकी हिरासत से भागने की कोशिश की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नजरूल को पुलिस उसके साथ जुड़े एक अन्य भू माफिया को ट्रैक करने के लिए रिजर्व फॉरेस्ट ले गई थी।

जंगल में पहुंचकर नजरूल ने पुलिस से पिस्टल (pistol) खींचकर गोली मारकर पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास किया। जब वह भागने की कोशिश कर रहा था तब पुलिस ने अपना बचाव करने के लिए उसके पैर में गोली मार दी।

विशेष रूप से, 1000 से अधिक प्रवासी मुस्लिम परिवारों को लुमडिंग जंगल से बेदखल कर दिया गया था, जिन्हें 2007 के बाद से भू-माफिया नजरूल एंड कंपनी द्वारा हल्दी की खेती के लिए लाया गया था। इससे पहले, होजई पुलिस ने बेदखली का अभियान (eviction drive) चलाया था जिसमें नज़रूल के नाम का खुलासा उन लोगों ने किया था जिन्हें हाल ही में चलाए गए अभियान में बेदखल किया गया था।

नज़रूल के नाम का उल्लेख मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्वा सरमा (CM Dr Himanta Biswa Sarma) ने भी किया था, जब वह पहले किए गए निष्कासन अभियान पर चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने पैसे के लाभ के लिए लुमडिंग रिजर्व फॉरेस्ट में अवैध रूप से लोगों को स्थापित करने से जुड़ी नजरूल की गतिविधियों के बारे में बात की।