कोरोना संकट और दूसरी लहर के बीच उम्मीद थी कि अप्रैल के बाद भारत में कोविड-19 टीकाकरण की गति मई महीने में तेज गति पकड़ेगी। हालांकि ऐसा नहीं हो सका। आंकड़े भी टीकाकरण अभियान में निराशाजनक गिरावट को दर्शाते हैं। अप्रैल में रोजाना दी जाने वाली औसतन 29 लाख डोज के मुकाबले एक महीने बाद यह संख्या गिरकर 19 लाख तक आ गई। 

आंकड़ों के अनुसार मई में 23 प्रमुख राज्यों में से 21 में टीकाकरण अभियान धीमा हो गया। तेलंगाना (-71.2 फीसदी), केरल (-59.1 फीसदी), छत्तीसगढ़ (-56.5 फीसदी), और ओडिशा (-49.2 फीसदी) उन राज्यों में शामिल हैं जहां टीकाकरण की गति में काफी गिरावट देखी जा रही है। अगर इसके साथ ही सकारात्मक पक्ष पर नजर डालें तो असम और दिल्ली में औसत दैनिक टीकाकरण की दर में उछाल देखा गया।

पूर्वोत्तर राज्य में औसतन दैनिक टीकाकरण अभियान में 16.6 फीसदी का उछाल आया। अप्रैल में औसतन 47,854 की तुलना में मई में बढ़कर यह 55,780 तक पहुंच गया, जबकि राजधानी दिल्ली में अप्रैल में औसतन 66,882 से 12.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ मई में 75,120 तक पहुंच गया। इसके अलावा, दिल्ली उन राज्यों की सूची में भी सबसे आगे है, जहां 18-44 आयु वर्ग में टीकाकरण किए गए जनसंख्या का अधिकतम अनुपात है। दिल्ली की 10 प्रतिशत से अधिक युवा आबादी को वैक्सीन की पहली खुराक दी जा चुकी है।

बढ़ोतरी वाली लिस्ट में दिल्ली के बाद बिहार, राजस्थान, गुजरात और झारखंड शामिल हैं। संख्या के मामले में देखें तो बिहार इस श्रेणी में चार्ट में सबसे आगे है। लेकिन बिहार में युवा आबादी का एक बहुत बड़ा पूल है।