सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने दावा किया कि पिछले एक साल के दौरान 3,204 अवैध घुसपैठियों को भारतीय क्षेत्र में पकड़ा गया है। वहीं बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) ने दावा किया है कि उनकी ओर से भारत में कोई घुसपैठ नहीं हुई है। बीएसएफ के अनुसार, इन अवैध घुसपैठियों में अपराधी भी शामिल हैं।

बीजीबी के साथ गुवाहाटी में 51वीं डीजी स्तर की वार्ता (डीएलटी) के बाद, बीएसएफ के महानिदेशक राकेश अस्थाना ने कहा कि इस साल सितंबर से अभी तक बीएसएफ ने 60 बांग्लादेशी नागरिकों को अपने समकक्ष को सौंपा है। बीएसएफ प्रमुख ने मीडिया से कहा, ऐसे अवैध घुसपैठियों को बीजीबी को सौंप दिया गया, जिनकी राष्ट्रीयता के बारे में जानकारी मिल गई थी और वे किसी भी प्रकार की आपराधिक पृष्ठभूमि या गतिविधि में शामिल नहीं थे।

उन्होंने कहा,  जहां आपराधिक रिकॉर्ड वाले घुसपैठियों की राष्ट्रीयता स्थापित नहीं की जा सकी, उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए राज्य पुलिस को सौंप दिया गया। वहीं बीजीबी के महानिदेशक मेजर जनरल एम. डी. शफीनुल इस्लाम ने कहा, बांग्लादेश से भारत में कोई भी अवैध घुसपैठ नहीं हो रही है। बांग्लादेश की जीडीपी बढ़ रही है और यह 2,300 डॉलर के करीब तक पहुंच गई है। इसलिए नौकरी या किसी अन्य कारण से सीमा पार करने का कोई मतलब नहीं है। बीसीएफ प्रमुख ने कहा, हाल ही में बांग्लादेश से 25 मछुआरे असम की सीमा में आ गए थे और बाद में उनके वीजा की वैधता समाप्त हो गई और भारतीय अधिकारियों ने उन्हें बांग्लादेश वापस भेज दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न नशीले पदार्थों और मवेशियों की तस्करी एक गंभीर चिंता है, क्योंकि दोनों सीमाओं की ओर से ही विभिन्न गिरोह काम कर रहे हैं। अस्थाना ने कहा, सीमाओं के पास गश्त को और भी मजबूत किया जाएगा। रात के समय में संवेदनशील इलाकों में संयुक्त गश्त की जाएगी। हमने कुछ कमजोर इलाकों की भी पहचान की है, जहां तस्करी और सीमा पार गतिविधियां हुईं हैं। बीजीबी डीजी ने दावा किया कि 2018 से इस साल 18 दिसंबर तक सीमा पर 86 बांग्लादेशी नागरिक मारे गए। उन्होंने कहा कि सीमा पर हत्या दो सीमा रक्षक बलों के लिए एक बड़ी चिंता है। अस्थाना ने कहा कि हाल के दिनों में सीमा पर तीन नागरिकों सहित 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 87 प्रतिशत हत्याएं रात में हुईं हैं।