देश के उत्तरी हिस्से में स्थित राज्यों में बाढ़ का कहर जारी है। अगले दो से तीन दिनों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और असम में अलग-अलग स्तर की चेतावनियां भी जारी की हैं। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन से कई जगहों पर रास्ते बाधित हुए हैं। असम और उत्तराखंड में भी लगातार बारिश की वजह से कई नदियां उफान पर हैं। 

पूर्वोत्तर के राज्य में लगातार बारिश और ब्रह्मपुत्र नदी के साथ-साथ उसकी सहायक नदियों में जलस्तर बढ़ने से पूरे राज्य में तबाही मची हुई है। असम इस साल बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए है। अभी तक कम से कम 140 लोगों की मौत हो चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, असम के 28 जिलों में बाढ़ की वजह से बुरे हालात हैं। लाखों लोग विस्थापित हुए हैं और राहत कैंपों में रह रहे हैं।

बिहार के करीब 20 जिलों में बाढ़ से फसल को नुकसान हुआ है। भारी-बारिश और बाढ़ से बिहार में करीब 33 फीसदी फसल को नुकसान का अनुमान है। बिहार में बीते सप्ताह तक 32.59 लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई हो चुकी थी जबकि प्रदेश के किसानों ने मक्के की बुवाई 3.92 लाख हेक्टेयर में की है। ये आधिकारिक आंकड़े प्रदेश के कृषि विभाग से मिले हैं। 

आंकड़ों के अनुसार, बिहार में चालू खरीफ सीजन में 92,000 हेक्टेयर में दलहन फसलों की बुवाई हुई है जबकि तिलहनों की बुवाई 80,000 हेक्टेयर में हुई है। प्रदेश के करीब 16 जिलों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं।बिहार के दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, गोपालगंज, सारण, सीवान, शिवहर, खगड़िया, भागलपुर, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, पुर्णिया समेत करीब 20 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जहां फसलों को भी नुकसान हुआ है।