असम (Assam) में अवैध रूप से रह रही एक महिला समेत दो बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेज दिया गया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। एक कोर्ट द्वारा विदेशी नागरिक घोषित किए जाने के बाद दोनों को 2014 से दक्षिण असम (Assam) की सिलचर सेंट्रल जेल के डिटेंशन सेंटर (Detention Center of Silchar Central Jail) में रखा गया था।

जेल के अधीक्षक सत्येंद्र वैश्य ने बताया कि बीएसएफ (BSF) और असम पुलिस (Assam Police) ने दोनों विदेशियों को मंगलवार को करीमगंज जिले के सुतारकंडी सीमा चौकी पर बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (Bangladesh) को सौंप दिया, जब पड़ोसी देश ने उनकी नागरिकता को स्‍वीकार कर लिया। दोनों की पहचान जेसोर जिले की रहने वाली जहांआरा बेगम और बांग्लादेश (Bangladesh) के पोटुआखली जिले के निवासी हबीब मोल्ला के रूप में हुई है। 

एक अधिकारी के अनुसार, 64 विदेशी- म्यांमार के 51 नागरिक, 10 बांग्लादेशी, दो नाइजीरियाई और एक केन्याई वर्तमान में सिलचर सेंट्रल जेल में नजरबंदी शिविर में बंद हैं। अधिकारी ने बताया कि इन लोगों में 26 बच्चे हैं।

सीमा सुरक्षा में ही अव्वल रहे बीएसएफ (BSF) के जवान मानवता और सद्भावना का रिश्ता भी बखूबी निभाते है। अपनी मानवता का परिचय देते हुए सीमा सुरक्षा बल ने 28 सितंबर, 2021 की दोपहर में सीमा चौकी, महाखोला, 82 बटालियन, नदिया जिले के सीमावर्ती इलाके में जवानों ने एक बांग्लादेशी युवक को अवैध रूप से सीमा लांघने के दौरान पकड़ा, लेकिन पूछताछ में पता चला कि उनसे मां की दवाई के लिए सीमा लांघी थी। उसके बाद उसे बीजीबी (BGB) (बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश) को सौंपा।

युवक की पहचान मिथुन मंडल उम्र 30 साल, पिता का नाम दिवंगत अरब मंडल के रूप में हुई, जो गांव मझपाडा, जिला चुआडांगा, बांग्लादेश का रहने वाला है। बीएसएफ के जवानों ने उससे पूछताछ की, तो उसने कहा कि उसकी मां बीमार है और उनके लिए ही वह सीमा पार से इन्हेलर खरीदने आया था।

गिरफ्तार होने पर मिथुन मंडल ने हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए बताया था कि उसकी मां दिल और अस्थमा बीमारी से पीड़ित है। उन्हे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, जिसके लिए वह इन्हेलर लेने के लिए भारत आ रहा था। गिरफ्तार किए गए बांग्लादेशी युवक को मानवीयता और सद्भावना के चलते बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के हवाले कर दिया गया। बता दें कि यह इलाका बांग्लादेश की सीमा से सटा हुआ है और प्रायः ही इन इलाको में घुसपैठ की समस्या सामने आती रहती है और गिरफ्तारियां भी होती रही हैं। हाल में बीएसएफ ने सीमा पर निगरानी बढ़ा दी है। बीएसएफ के जवान लगातार सीमा पर नजर बनाए रहते हैं।