कथित तौर पर प्रतिबंधित यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम-इंडिपेंडेंट (उल्फा-आई) के समर्थन में एक फेसबुक पोस्ट को लेकर मई से जेल में बंद एक कॉलेज के छात्र की गिरफ्तारी पर अब आक्रोश बढ़ता जा रहा है। वहीं पुलिस ने कहा कि ये कार्रवाई नियमानुसार की गई है। 

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जोरहाट कॉलेज में गणित के द्वितीय वर्ष के छात्र बरशश्री बुरागोहेन को 18 मई को गोलाघाट से गिरफ्तार किया गया था और जिला पुलिस द्वारा स्वत: संज्ञान लेने के बाद गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) की धारा 10 और 13 के तहत आरोप लगाया गया था। वह गोलाघाट जिला जेल में बंद है। मामले की सुनवाई फिलहाल गुवाहाटी उच्च न्यायालय में चल रही है और अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी।

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प्राथमिकी के अनुसार, बुरागोहेन ने फेसबुक पोस्ट में  असमियां में कुछ पंक्तियां लिखी थी। स्वाधीन जुरुजोर डिक्स एको एकुज, एको कोरिम रास्त्रो द्रुह यानि स्वतंत्रता के सूरज की ओर एक और कदम, एक बार फिर मैं देशद्रोह करूंगी)। ये पंक्तियां  उल्फा-आई समर्थन, एक बड़े आपराधिक साजिश और भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने का इरादा की ओर इशारा किया। प्राथमिकी में यह भी कहा गया है कि बुरागोहेन ने स्वीकार किया था कि उसने पोस्ट लिखा था। असम पुलिस के विशेष डीजीपी (कानून और व्यवस्था) जी पी सिंह ने एक बयान में कहा कि उचित प्रक्रिया का पालन किया जा रहा था। सिंह ने "अकोउ कोरिम रस्त्रो द्रुह" (मैं देशद्रोह करूंगा) शब्दों का हवाला दिया और कहा कि बुरागोहेन ने "युद्ध छेड़ने के लिए एक आह्वान" किया था। जब कोई सार्वजनिक रूप से एक प्रतिबंधित संगठन के लिए समर्थन का दावा करता है और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के इरादे की घोषणा करता है, तो हम कानूनी रूप से उस व्यक्ति पर मुकदमा चलाने के लिए बाध्य हैं।