असम सरकार (Assam Government) ने 15-65 आयुवर्ग के लोगों के लिए जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) के खिलाफ टीकाकरण अभियान शुरू किया है और लक्ष्य इसमें 40.17 लाख लोगों को शामिल करने का है। पिछले साल राज्य में जेई से 60 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और लगभग सभी जिलों से संक्रमण की सूचना थी।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री केशव महंत (Health Minister Keshav Mahant) ने कामरूप (मेट्रोपालिटन) जिले के सोनपुर जिला अस्पताल से टीकाकरण अभियान की औपचारिक शुरुआत करते हुए टीकाकरण कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए लोगों से सहयोग करने का आग्रह किया। असम में कोविड-19 टीकाकरण अभियान को मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को अब इसी तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद है।

महंत ने कहा, ‘असम (Assam) में, अब तक 2 करोड़ लोगों ने कोविड-19 रोधी टीके की पहली खुराक ली है, जबकि एक या दोनों खुराक लेने वाले लोगों की कुल संख्या 2.65 करोड़ है। कोविड-19 रोधी टीकों के लिए इस व्यापक प्रतिक्रिया के बाद, हमें उम्मीद है कि लोग जेई टीके के लिए भी आगे आएंगे।’

वहीं देश में देश में कोरोना वैक्सनेशन (Corona Vaccination) अभियान तेजी से जारी है। केंद्र सरकार (Central Government) ने राज्यों से कहा कि वे अगले कुछ दिनों में 100 करोड़ डोज के टारगेट को पूरा कर लेंगे। इसी कड़ी में आज यानी मंगलवार को 46 लाख से ज्यादा लोगों को कोरोना वैक्सीन की डोज दी गई जिसके बाद वैक्सीनेशन का कुल आंकड़ा 96 करोड़ के पार पहुंच गया है। केंद्र सरकार की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक मंगलवार शाम 7 बजे तक 46,23,892 लोगों को कोरोना वैक्सीन की डोज ली जिसके बाद वैक्सीनेशन की कुल संख्या 96 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी है।

इस बीच अच्छी खबर ये है कि कुछ राज्यों में कोरोना टीकाकरण में महिलाएं पुरुषों की बराबरी कर रही हैं। एक रिपोर्ट की मानें तो कुछ राज्यों में वैक्सीनेशन के मामले में पुरुषों के मुकाबले महिला टीकाकरण के आंकड़ों में ज्यादा फर्क नहीं पड़ा है। दरअसल कोविड -19 टीकाकरण में लिंग अंतर 11 भारतीय राज्यों में गायब हो गया है, लेकिन अब भी महाराष्ट्र, दिल्ली और गोवा जैसे उच्च मानव विकास सूचकांक वाले राज्यों में टीकाकरण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ानी जरूरी है।