असम सरकार ने आठ ब्लॉकों में पेट्रोलियम उत्पादों की खोज के लिए तेल क्षेत्र की सार्वजनिक उपक्रम प्रमुख ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) के साथ एक पेट्रोलियम खनन पट्टे (पीएमएल) ब्लॉक पर हस्ताक्षर किए, जिसमें 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की वार्षिक रॉयल्टी की उम्मीद है। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है।

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असम सरकार के भूविज्ञान और खनन विभाग के निदेशक आनंद कुमार दास और ओआईएल के कार्यकारी निदेशक (फ्रंटियर बेसिन) अगध मेधी ने राज्य के खान और खनिज विभाग के मंत्री जोगेन मोहन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सौदे पर हस्ताक्षर किए। 8 पीएमएल ब्लॉक डिब्रूगढ़, डिब्रूगढ़ एक्सटेंशन, हुग्रिजन एक्सटेंशन, बोरहपजान, बोरहाट, मोरन, दमदुमा एक्सटेंशन और मेचाकी एक्सटेंशन हैं। 

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मंत्री ने कहा कि असम सरकार को समझौते के लिए ओआईएल से सालाना 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की रॉयल्टी मिलने की उम्मीद है। उन्होंने ओआईएल के अधिकारियों से कहा कि असम सरकार हाइड्रोकार्बन की खोज में कंपनी को हर संभव सहायता प्रदान करेगी। जोगेन मोहन ने ओआईएल से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार सृजन बढ़ाने का अनुरोध किया। ओआईएल के रेजिडेंट चीफ इंजीनियर प्रशांत बोरकाकोटी ने कहा कि कंपनी ने अपने अन्वेषण और विकास कार्यक्रम को बढ़ाकर कच्चे तेल और गैस उत्पादन को बढ़ाने की योजना बनाई है।