असम के मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पार्टी के एक विधायक पर हमला बोला। सरमा ने शनिवार को कहा कि अगर भाजपा आने वाले विधानसभा चुनाव में दोबारा सत्ता में आती है तो कांग्रेस विधायक शेरमन अली अहमद को उनकी 'अशोभनीय टिप्पणियों' के लिए जेल भेजा जाएगा। 

अहमद ने हाल ही में यहां स्थित श्रीमंत कलाक्षेत्र में प्रस्तावित संग्रहालय के लिए 'मियां संग्रहालय' शब्द का इस्तेमाल कर राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया था। सरमा ने आरोप लगाया कि संशोधित नागरिकता कानून को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शन के बाद से ही कांग्रेस की 'नजरें' कलाक्षेत्र पर हैं।

अहमद ने कहा था कि 'चार-चापोरी' नदी क्षेत्र में प्रस्तावित संग्रहालय तत्कालीन पूर्वी बंगाल के उन बंगाली मुसलमानों की परंपरा और संस्कृति को प्रदर्शित करेगा जो असम के नदी क्षेत्र में बसे हुए हैं। उनके इस बयान के बाद असम में राजनीतिक बयानबाजी का दौर शुरू हो गया था।

सरमा ने एक प्रेसवार्ता में कहा, 'जब अहमद से पूछा गया कि मिया म्यूजियम में क्या प्रदर्शित किया जा सकता है तो उन्होंने ढिठाई के साथ कहा कि 'नीली लुंगियां'। उन्हें ऐसा बयान देने के लिए माफ नहीं किया जाएगा क्योंकि यह हमारे वैष्णव गुरु शंकरदेव ओर महादेव का अपमान है।'

उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस विधायक ने सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांगी तो चुनाव के बाद उन्हें जेल भेजा जाएगा। इस सवाल पर कि सरकार चुनाव का इंतजार क्यों करेगी, सरमा ने कहा, 'यदि अभी हम ऐसा करते हैं तो वह (अहमद) चुनाव में अतिरिक्त वोट प्राप्त कर लेंगे और हम उन्हें लाभ नहीं देना चाहते।'