असम विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल करने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी सरकार के चेहरा बदल दिया। हिमंत बिस्व सरमा को राज्य का नया मुख्यमंत्री बनाया गया है। हालांकि सरमा को सीएम बनाने के कयास चुनाव के पहले से ही लगाए जा रहे थे। अब असम में एक सवाल हर किसी के दिमाग में गूंज रहा है। सीएम की कुर्सी का त्याग करने वाले सर्बांनंद सोनोवाल का क्या होगा? उन्हें असम में ही नई जिम्मेदारी मिलेगी या उन्हें दिल्ली ले जाया जाएगा।

आम जनते से लेकर मीडिया के बीच चल रहे इस सवाल का असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने गुरुवार को जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के राज्य और केंद्र, दोनों जगहों पर अनुभव को देखते हुए उन्हें भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व नई जिम्मेदारी प्रदान करेगा। हालांकि सरमा ने यह भी कहा कि उन्हें सोनोवाल के लिए पार्टी नेतृत्व की योजना की जानकारी नहीं है।

उन्होंने कहा, ''जब सोनोवाल और मेरी भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से पिछली बैठक हुई थी तो उन्होंने हमसे कहा था कि अगले पांच साल के लिए हिमंत मुख्यमंत्री होंगे वहीं सोनोवाल को नई जिम्मेदारी दी जाएगी।'' सरमा ने कहा, ''मुझे लगता है कि सोनोवाल के बारे में केंद्रीय नेतृत्व फैसला लेगा।''

उनसे इन अटकलों के बारे में पूछा गया था कि सोनोवाल को केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। सरमा ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के नाते सोनोवाल के अनुभव का पार्टी निश्चित रूप से उपयोग करेगी।

आपको बता दें कि सोनोवाल 2014 से 2016 तक मोदी सरकार में खेल मंत्री रहे थे इसके बाद उन्हें असम का मुख्यमंत्री बनाया गया और वह इस पद पर 2016 से पिछले महीने तक रहे। अब उनकी जगह सरमा को असम का मुख्यमंत्री बनाया गया है जो सोनोवाल की सरकार में उप मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी निभा रहे थे।

सरमा ने कहा कि 'जिम्मेदारियां सौंपने के अनेक तरीके होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री होना जिम्मेदारी है, इसी तरह मुख्यमंत्री होना या केंद्रीय मंत्री होना या पार्टी का जिलाध्यक्ष होना भी जिम्मेदारी है।