कांग्रेस ने शुक्रवार को राज्यसभा चुनाव में असम में पार्टी को 'धोखा' देने के लिए इत्र कारोबारी बदरुद्दीन अजमल के नेतृत्व वाली एआईयूडीएफ की आलोचना की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एआईयूडीएफ के पांच विधायक गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के आवास पर गए।

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असम कांग्रेस ने शुक्रवार को एक ट्वीट में कहा कि सत्य की जीत होगी। बीजेपी ने एआईयूडीएफ के दम पर राज्यसभा की सीटों पर जीत हासिल की। एआईयूडीएफ के 5 विधायक सुबह-सुबह सीएम से उनके आवास पर मुलाकात करते दिखे। 

एपीसीसी के प्रवक्ता मोनजीत महंत ने एक बयान में कहा कि एआईयूडीएफ के पांच विधायक- करीमुद्दीन बरभुयान, हाफिज रफीकुल इस्लाम, अमीनुल इस्लाम और अशरफुल इस्लाम को शुक्रवार को एक स्कॉर्पियो और एक फॉर्च्यून कार में मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिश्व शर्मा के आधिकारिक आवास से बाहर आते देखा गया था। 

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बीजेपी और उसकी सहयोगी यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) ने असम से राज्यसभा की दोनों सीटों पर जीत हासिल की जहां गुरुवार को मतदान हुआ था।

गणना के अनुसार  कांग्रेस उम्मीदवार रिपुन बोरा को सभी विपक्षी दलों के समर्थन से एक सीट जीतनी थी। इससे पहले एआईयूडीएफ ने रिपुन बोरा को समर्थन देने की घोषणा की थी। हालांकि वह क्रॉस वोटिंग के कारण चुनाव हार गए। कांग्रेस ने दावा किया कि उसके एक विधायक ने वोट बर्बाद किया जबकि एआईयूडीएफ के सात विधायकों ने भाजपा को वोट दिया।

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बीजेपी उम्मीदवार पबित्रा मार्गेरिटा को 46 वोट मिले, जबकि यूपीपीएल के उम्मीदवार रवंगवरा नारजारी को 44 वोट मिले। कांग्रेस प्रत्याशी रिपुन बोरा को 35 वोट मिले।