पूर्वोत्तर राज्य असम को इस दिनों बाढ़ और भूस्खलन ने बेहाल कर रखा है। इस बीच भूस्खलन से सबसे ज्यादा प्रभावित दीमा हसाओ जिले में रेलवे कनेक्टिविटी के 10 जुलाई तक बहाल होने की संभावना है। हालांकि इस बीच मॉनसून बड़ी बाधा बन सकता है। 

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एनएफ रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सब्यसाची डे का कहना है कि 5 किमी लंबे दिटोचेरा-बंदरखाल खंड में दो पुलों को प्राथमिकता के आधार पर तैयार किया जा रहा है। वहीं 100 मीटर ट्रैक ऐसा भी है, जिसके नीचे की जमीन पूरी तरह से बह गई है। इस ट्रैक को तैयार करना रेलवे के लिए बड़ी चुनौती साबित होगी। उन्होंने कहा कि मरम्मत करने वाली टीम पूरी मशीनरी के साथ मौके पर पहुंच चुकी है। आईएमडी के अधिकारियों ने कहा कि कम से कम अगले तीन दिनों तक केवल दीमा हसाओ और दक्षिण असम में कम तीव्रता की बारिश होने की संभावना है और यह रेलवे के लिए एक राहत की बात हो सकती है। 

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हालांकि, उत्तर पूर्व में मानसून के आगमन की सामान्य तिथि 5 जून है, जिसके बाद इस क्षेत्र में भारी वर्षा हो सकती है। वहीं रेलवे ने दीमा हसाओ के जरिए ट्रेनों को रद्द के बाद यात्रियों को 17.5 लाख रुपये वापस कर दिए हैं। मालगाड़ियों के रद्द होने से रेलवे को भी बड़ा नुकसान हुआ है। संभावित नुकसान का आकलन अभी बाकी है। अधिकारियों ने कहा कि पहाड़ी इलाकों में काम करना एक बड़ी चुनौती है। 18 मई को एनएफ रेलवे ने कहा कि दीमा हसाओ में लगभग 58 स्थानों पर भूस्खलन की सूचना मिली थी और लगभग 12 स्थानों पर बहाली का काम पूरा हो गया था। वहीं मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। सरमा ने बताया कि रेल मंत्रालय ने दीमा हसाओ में तबाह हुए रेलवे नेटवर्क की बहाली के लिए 180 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।