असम पुलिस ने कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) पर प्रतिबंधित उल्फा (आई) हमला कर सकता है। इतना ही नहीं उसके अधिकारियों के संभावित अपहरण के बारे में सतर्क किया है। डिब्रूगढ़़ के पुलिस अधीक्षक (जिला विशेष शाखा) ने ओआईएल के महाप्रबंधक (सुरक्षा) को दुलियाजान में अपने फील्ड मुख्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को खतरे के बारे में जागरूक करने के लिए कहा है।

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पुलिस ने कहा कि खुफिया इनपुट से पता चला है कि उल्फा (आई) और उसके समर्थक डिब्रूगढ़ में विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। पुलिस ने एक पत्र में सूचित किया कि उल्फा आई अपने स्वार्थ के लिए अधिकारियों का अपहरण भी कर सकता है। एसपी ने अनुरोध किया कि ऑयल इंडिया लिमिटेड में सशस्त्र सुरक्षा गार्ड की संख्या को बढ़ा देना चाहिए। फिलहाल निहत्थे स्थानीय सुरक्षा गार्ड तैनात हैं। उल्फा के नापाक मंसूबों को बेअसर करने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त सुरक्षा और मोबाइल गश्त करने का भी सुझाव दिया। असम पुलिस की चेतावनी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उल्फा (आई) के प्रचार विभाग के सदस्य रुमेल असोम ने एक बयान में कहा कि संगठन की ओआईएल के खिलाफ ऐसी कोई योजना नहीं है।

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उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा घटनाक्रम असम पुलिस के कुछ शीर्ष अधिकारियों के निहित स्वार्थ का परिणाम है। बता दें कि 21 अप्रैल 2021 को असम-नागालैंड सीमा पर शिवसागर जिले के लकवा तेल क्षेत्र से उल्फा (आई) के उग्रवादियों ने तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) के तीन कर्मचारियों का अपहरण कर लिया था। तीन दिन बाद नागालैंड के मोन जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास एक मुठभेड़ के बाद दो कर्मचारियों को बचाया गया, जबकि तीसरे को 31 दिनों के बाद 22 मई को म्यांमार में सीमा के पास उग्रवादियों ने रिहा कर दिया था। इससे पहले भी 21 दिसंबर 2020 को उग्रवादियों ने क्विप्पो ऑयल एंड गैस इंफ्रास्ट्रक्चर के दो कर्मचारियों को का अपहरण कर लिया था और 20 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी।