कोविड-19 के मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के मानसिक तनाव को दूर करने के लिए असम के एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ने राष्ट्रीय स्तर पर काउंसलिंग अभियान की शुरुआत की है। 


वैश्विक महामारी प्रतिक्रिया मंच (जीपीआरएफ) ने कहा कि 'धारा' नाम से एक हेल्पलाइन की सात भाषाओं में शुरुआत की जा चुकी है और 70 से अधिक मनोवैज्ञानिकों के साथ करार किया है। इसके जरिए कोविड-19 के मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के अलावा कानून का पालन करवाने में जुटी एजेंसियों को भी परामर्श की सुविधा प्रदान की जाएगी। 

जीपीआरएफ ने एक बयान में कहा कि 'कोरोना योद्धा' अपने परिवार से दूर रहकर दिन-रात काम कर रहे हैं। इसके बाद वे 14 दिन के पृथक-वास में जाते हैं। काम के अत्याधिक दबाव, तनाव, भय और बीमारी की चिंता के कारण उनके मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। इनकी सहायता के लिए इस महीने की शुरुआत में अंग्रेजी और असमी भाषा में धारा हेल्पलाइन को शुरू किया गया था लेकिन अब अन्य भाषाओं को भी इसमें जोड़ा गया है।