सीमा विवाद को सुलझाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए असम और मिजोरम सरकारों ने आइजोल और गुवाहाटी में मंत्रिस्तरीय चर्चा के बाद एक संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर किए। दोनों राज्य सीमाओं पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए शांति को बढ़ावा देने पर सहमत हुए हैं। साथ ही दोनों राज्यों के सीमावर्ती जिलों के उपायुक्त दो महीने में कम से कम एक बार बैठक करेंगे। इसलिए दो राज्यों के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों के बीच अगली बैठक अक्टूबर में होगी, जहां मुद्दों और दावों पर विस्तार से विचार किया जाएगा।

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दोनों राज्य इस बात पर सहमत हुए कि राज्यों की सीमाओं पर खेती करने वाले किसानों सहित आर्थिक गतिविधियों को बाधित नहीं किया जाएगा। असम के मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि बैठक हमें उम्मीद है कि बैठक सौहार्दपूर्ण समाधान खोजने और सीमा के दोनों ओर रहने वाले लोगों को एक सकारात्मक संदेश देने में एक लंबा सफर तय करेगी। मैं मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्वा और मिजोरम के सीएम जोरमथांगा को सीमा मुद्दों को हल करने के लिए उनकी तत्परता के लिए धन्यवाद देता हूं।

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बता दें कि असम मिजोरम के साथ 164.6 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है और पिछले कुछ वर्षों में कई संघर्ष हुए हैं। पिछले साल अगस्त में दोनों राज्यों के प्रतिनिधियों ने मिजोरम की राजधानी आइजोल में बातचीत की थी और वे शांति बनाए रखने और बातचीत के जरिए अंतरराज्यीय सीमा विवाद को सुलझाने पर सहमत हुए थे।