असम-मिजोरम विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। दोनों राज्यों के संयुक्त बयान के बाद भी हिंसा थमने के बजाय बढ़ता ही दिख रहा है। पिछले कई दिनों से जारी नाकाबंदी शनिवार रात से खुल गई थी और विवाद थमता नजर आ रहा था, लेेकिन एक बार फिर से दोनों राज्यों के बीच विवाद की आग धधकने लगी है।

रविवार को असम के लैलापुर में मिजोरम जा रहे 9 वाहनों पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया। वहां पर मौजूद पुलिस और केंद्रीय फोर्स इसे रोकने के बजाय मूकदर्शक बनी रही। इस घटना में कई लोग घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार हमलावर सैकड़ों की संख्या में आए थे।

दरअसल सिलचर से पुलिस और सीआरपीएम के घेरे में 9 गाड़ियां मिजोरम के लिए निकली थी। इन ट्रकों में जीवनरक्षक दवाईयां, खाने-पीने की चीजों जैसी कई जरूरी चीजें रखी थीं। कई घंटे की यात्रा के बाद जब इन गाड़ियों का काफिला लैलापुर पहुंचा तो अचानक सैकड़ों लोग एक साथ इनपर धावा बोल दिया। इस घटना में कुछ ड्राईवर भाग जाते हैं तो कुछ भीड़ के हत्थे चढ़ जाते हैं। इस बीच साथ आई पुलिस कुछ देर बाद यहां पहुंचती है, भीड़ को हटाती है। इसके बाद पुलिस ट्रकों को वापस सिलचर लेकर पहुंच जाती है। इस हमले में कई लोग घायल हो गए हैं।

बता दें कि असम-मिजोरम के साथ सीमा विवाद वर्षों से है। असम का कई राज्यों से सीमा विवाद चल रहा है। मिजोरम के साथ ये विवाद उस समय ज्यादा बढ़ गया, जब 26 जुलाई को असम पुलिस के जवानों पर फायरिंग हो गई। जिसमें 6 की मौत और दर्जनों घायल हो गए।

असम के सीएम और अधिकारियों के खिलाफ मिजोरम में मामले दर्ज किए गए तो वहीं असम ने अपने नागरिकों को मिजोरम ना जाने की सलाह दे दी। इसी के साथ नाकेबंदी की भी शुरुआत हो गई। जिसके बाद केंद्र ने सीधे दखल देकर मामले को सुलझाने की कोशिश की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दोनों राज्यों के सीएम से बात कर शांति स्थापित करने को कहा, जिसके नाकेबंदी खुली थी।