असम सरकार ने सीमा विवाद की वजह से जारी तनाव के बीच अपने लोगों को मिजोरम की यात्रा न करने की सलाह दी है। असम सरकार ने लोगों को यात्रा परामर्श जारी करके राज्य के लोगों से अशांत परिस्थितियों के मद्देनजर मिजोरम की यात्रा से बचने और वहां काम करने वाले और रहनेवाले राज्य के लोगों से अत्यंत सावधानी बरतने को कहा है। किसी भी राज्य सरकार द्वारा जारी किया गया इस तरह का यह शायद पहला परामर्श है।

असम गृह सचिव एम एस मणिवन्नन द्वारा जारी परामर्श में कहा गया, 'मौजूदा परिस्थिति को देखते हुए, असम के लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मिजोरम की यात्रा न करें क्योंकि यह स्वीकार नहीं किया जा सकता कि असम के लोगों को कोई भी खतरा उत्पन्न हो।' परामर्श में इस बात का उल्लेख किया गया है कि असम और मिजोरम के सीमावर्ती इलाके में हिंसक झड़प की कई घटनाएँ हुई हैं।वहीं असम सरकार द्वारा जारी एक अलग आदेश में कामरूप मेट्रो और कछार के पुलिस उपायुक्तों, गुवाहाटी पुलिस आयुक्त और कछार पुलिस अधीक्षक को राज्य में मिजोरम के सभी लोगों और गुवाहाटी तथा सिचलर में मिजोरम हाउसेस में रह रहे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है।हालांकि, असम सरकार के इस परामर्श पर कांग्रेस ने हमला बोला है। कांग्रेस ने कहा कि यह देश के लिए शर्मसार करने वाला दिन है क्योंकि असम और मिजोरम के बीच सीमा पर तनाव के बीच एक राज्य को अपने यहां के लोगों को दूसरे राज्य की यात्रा को लेकर एक परामर्श जारी करना पड़ा है। कांग्रेस महासचिव एवं मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने असम सरकार द्वारा राज्य के लोगों को मिजोरम की यात्रा से बचने के लिए जारी किये गए परामर्श का हवाला देते हुए कहा कि देश में यह सब संभव है, जब नरेंद्र मोदी हों।उन्होंने हिंदी में एक ट्वीट में कहा, 'देश के इतिहास में सबसे शर्मसार करने वाला दिन। जब देशवासी एक प्रांत से दूसरे प्रांत में न जा पाएं, तो क्या मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को अपने पद पर बने रहने का अधिकार है? मोदी है तो यही मुमकिन है।'