असम-मिजोरम की अशांत सीमा पर तटस्थ केंद्रीय बलों को तैनात किया जाएगा। यहां संघर्ष में 6 पुलिस कर्मियों और एक नागरिक की मौत हो गई थी। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला की अध्यक्षता में दो घंटे तक चली बैठक में यह निर्णय लिया गया है। असम के मुख्य सचिव जिष्णु बरुआ और पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत और मिजोरम के उनके संबंधित समकक्षों लालनुनमाविया चुआंगो और एसबीके सिंह ने बैठक में हिस्सा लिया।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि दोनों राज्य सरकारों ने एनएच-306 पर अशांत स्टेट बॉर्डर पर तटस्थ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की तैनाती के लिए सहमति व्यक्त की है। तटस्थ बल की कमान सीएपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी के हाथ में होगी। इसके अलावा बल के कामकाज को सुविधाजनक बनाने के लिए दोनों राज्य सरकारें उचित समय सीमा में केंद्रीय गृह मंत्रालय के समन्वय से व्यवस्था करेंगी।

अधिकारियों ने बताया कि गृह सचिव ने असम और मिजोरम के प्रतिनिधिमंडलों को यह भी बताया कि दोनों सरकारों को सीमा मुद्दे को सौहार्दपूर्ण तरीके से हल करने के लिए पारस्परिक रूप से चर्चा जारी रखनी चाहिए। असम और मिजोरम के बीच चल रहे सीमा संघर्ष को सुलझाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस प्रमुखों को बुलाया था।

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन पैरा मिलिट्री फोर्स है। असम राइफल्स (AR), सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की तरह सीएपीएफ भी सेंट्रल फोर्स है। हालांकि असम राइफल्स (AR) गृह मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में है, लेकिन इसका संचालन नियंत्रण रक्षा मंत्रालय के पास है। सीएपीएफ में से, एआर, बीएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी सीमा सुरक्षा बल हैं। एनएसजी भारत में एक कमांडो प्रशिक्षित बल संगठन है और इसका इस्तेमाल स्पेशल ऑपरेशन में होता है। वहीं CAPF की अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक (DG) रैंक के अधिकारी करते हैं।

बाद में मिजोरम के मुख्य सचिव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि स्टेट बॉर्डर पर हालात फिलहाल शांतिपूर्ण हैं। बैठक में इस बात पर सहमति बनी है कि हर कोई शांति बनाए रखने की कोशिश करेगा और हिंसा में शामिल होने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि विवादित क्षेत्र से स्टेट फोर्स को हटाया जा रहा है।

असम के मुख्य सचिव ने भी कहा कि सीएपीएफ स्टेट फोर्स की जिम्मेदारी संभालेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस बलों की वापसी की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि सीआरपीएफ के महानिदेशक भी बैठक में शामिल हुए क्योंकि अर्धसैनिक बल के जवानों को असम-मिजोरम के तनावग्रस्त सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात किया गया है।

सोमवार को असम के कछार जिले से सटी सीमा पर दो गुटों में झड़प हुई थी। लैलापुर-वैरेंगटे इलाके में दोनों राज्यों का सीमा विवाद है। झड़प के दौरान यहां दोनों राज्यों की पुलिस और स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए। आरोप है कि संघर्ष के दौरान मिजोरम पुलिस ने असम के पुलिस अधिकारियों की एक टीम पर फायरिंग की, जिसमें असम पुलिस के 6 कर्मियों और एक नागरिक की मौत हो गई। साथ ही एक एसपी सहित 50 से अधिक अन्य लोग जख्मी हो गए। तनाव के बाद यहां सीआरपीएफ की दो कंपनियों को तैनात किया गया था।