एनआईए ने कर्नाटक से गिरफ्तार आतंकी अख्तर हुसैन को लेकर बड़ा खुलासा किया है। एनआई की एफआईआर में लिखा कि अख्तर के प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल कायदा से संबंध थे और वह युवाओं को आतंकवादी प्रशिक्षण के लिए कश्मीर और अफगानिस्तान के खुरासान प्रांत में भेजने की साजिश रच रहा था। इसके साथ ही उसने युवाओं को धर्म के नाम पर युद्ध छेड़ने के लिए भी उकसाया था। बता दें कि अख्तर पूर्वोत्तर राज्य असम का रहने वाला है। 

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एनआईए की एफआईआर में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि अख्तर हुसैन लश्कर बेंगलुरु से कश्मीर जाने की योजना बना रहा था। साथ ही उसका संबंध प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन अल-कायदा से था। गौरतलब है कि अख्तर हुसैन लश्कर असम के कछार जिले के थेल्टिकर गांव का निवासी है। उसे बेंगलुरु के तिलक नगर में एक बहुमंजिला अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल से गिरफ्तार किया गया था। उसपर, सोशल मीडिया पर यह दिखाकर कि भारतीय सेना कश्मीर में मुसलमानों पर अत्याचार कर रही है, युवाओं को कट्टरपंथी बनाने, युवाओं को भारत के खिलाफ देशविरोधी गतिविधियों में शामिल करने और सांप्रदायिक हिंसा भड़काने जैसी गतिविधियों में लिप्त पाया गया था। इसके साथ ही, उसने कट्टरपंथी युवाओं को कश्मीर और अफगानिस्तान के खुरासान प्रांत में भारत के खिलाफ आतंकवादी प्रशिक्षण लेने और युद्ध छेड़ने के लिए भेजने की साजिश रची थी। 

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इतना ही नहीं, भारत भर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए इसके अल-कायदा और कई अन्य आतंकी संस्थाओं के साथ संबंध थे। इस मामले में गृह मंत्रालय से जारी एक आदेश के बाद एनआईए की बेंगलुरु शाखा ने 30 अगस्त को अख्तर हुसैन लश्कर और एक अन्य आतंकी दक्षिण 24 परगना, पश्चिम बंगाल के मूल निवासी अब्दुल अलीम मंडल उर्फ एमडी जुबा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।  दरअसल, बेंगलुरु पुलिस को 24 जुलाई को एक सूचना मिली थी कि अख्तर हुसैन लश्कर ने 'द ईगल ऑफ कोहरासन' और 'हिंडर-ईगल' नामक टेलीग्राम समूह बनाए हैं। इसके जरिए वह युवाओं को कट्टरपंथी बनाने की कोशिश कर रहा था। इसी मामले में बेंगलुरू में उसकी गिरफ्तारी की गई थी।