दिग्गज फुटबॉलर डिएगो माराडोना की घड़ी (Diego Maradona watch) चोरी करने के बाद सुर्खियों में आए वाजिद हुसैन (Wazid Hussain) को जमानत मिल गई है। दरअसल असम पुलिस (Assam police) उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने में विफल रही। शिवसागर की अदालत ने 15,000 रुपए के जमानती मुचलके पर हुसैन को रिहा कर दिया है।

खबरों के मुताबिक, वाजिद हुसैन (Wazid Hussain) के वकील रमजान अली ने कहा कि अदालत ने जरूरी सबूत पेश करने के लिए पर्याप्त समय दिया, लेकिन पुलिस ऐसा नहीं कर सकी। इसके अलावा पुलिस यह साबित करने में भी विफल रही कि उसने दुबई से दिग्गज फुटबॉलर की घड़ी चुराई थी। कोर्ट ने असम पुलिस को 2 महीने का समय दिया था, लेकिन पुलिस हुसैन के खिलाफ कोई भी सबूत कोर्ट में पेश नहीं कर पाई थी। बता दें कि दिसंबर 2021 में असम पुलिस (Assam Police) ने हुसैन को दिवंगत दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी डिएगो माराडोना (football player Diego Maradona) की लग्जरी घड़ी चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। राज्य के पुलिस महानिदेशक ने कहा कि दुबई पुलिस के इनपुट के आधार पर हुसैन को उसके घर से गिरफ्तार किया गया था। 

दुबई पुलिस (Dubai police) ने केंद्रीय एजेंसी को बताया था कि वाजिद हुसैन ने माराडोना की साइन की गई हुबोट घड़ी चुरा ली है और असम भाग गया। इसके बाद पुलिस ने शिवसागर से हुसैन को गिरफ्तार कर लिया। हुसैन के पास से घड़ी को भी बरामद किया गया था। पुलिस के मुताबिक हुसैन दुबई की एक निजी कंपनी में सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम करता था, जहां माराडोना का सामान रखा हुआ था। अगस्त में उसने भारत आने की अनुमति मांगी क्योंकि उनके पिता अस्वस्थ थे। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि वाजिद हुसैन का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड तो नहीं है।