असम के सिलचर सेंट्रल जेल के अंदर फॉरेनर्स डिटेंशन सेंटर में आखिरी कैदी को भी हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार को रिहा कर दिया गया है। राज्य के डिटेंशन सेंटरों के दो साल पूरे कर चुके कैदियों को जमानत पर रिहा करने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद, 67 वर्षीय मनिंद्र दास शनिवार को सिलचर सेंट्रल जेल के अंदर डिटेंशन कैंप से बाहर आए। 

कछार जिले में कटिगोरा क्षेत्र के रहने वाले मनिंद्र दास, हिरासत में लिए गए 67वें ‘संदिग्ध नागरिक’ थे, जिन्हें डी-वोटर भी कहा जाता है। उन्हें मई 2019 में गिरफ्तार किया गया था। विदेशी ट्रिब्यूनल के फैसले के अनुसार, दास आखिरी बंदी थे जिन्हें जमानत पर रिहा किया गया है।

वहीं, 102 वर्षीय चंद्रधर दास जिनका दिसंबर में निधन हो गया, असम की बराक घाटी में मेडिकल आधार पर जमानत पाने वाले पहले डी-वोटर थे। अब केवल कुछ स्व-घोषित विदेशी, जिनमें म्यांमार, बांग्लादेश और कुछ अफ्रीकी देशों के नागरिक शामिल हैं, डिटेंशन सेंटर में बंद हैं। 

अधिकारियों ने बताया कि सिलचर के अलावा असम में पांच और भी डिटेंशन सेंटर हैं, जहां डी-वोटर घोषित किए गए कम से कम 19 लोगों को नजरबंद किया गया है। बता दें कि डिटेंशन सेंटर उस स्थान को कहते हैं जहां वैध दस्तावेजों के बिना देश में प्रवेश करने वाले विदेशी लोगों को रखा जाता है।