असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नितिन खाड़े ने मंगलवार को राज्य सरकार से कहा कि कोविड-19 मामलों में वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए 1 मई तक लागू रात के कर्फ्यू से स्ट्रांग रूम के बाहर तैनात उम्मीदवारों के पोलिंग एजेंटों को छूट दी जाए। यह जानकारी निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देश असम विधानसभा चुनावों की मतगणना होने तक एजेंटों को स्ट्रांग रूम की सुरक्षा की अनुमति देते हैं। मतगणना दो मई को होगी।

संयुक्त सीईओ एल. सहरिया ने कहा, ‘यह चुनावी प्रक्रिया का एक हिस्सा है। इसलिए सीईओ ने इस मुद्दे को राज्य सरकार के उचित प्राधिकारी के साथ उठाया है। हमें उम्मीद है कि राज्य सरकार पोलिंग एजेंटों को रात के कर्फ्यू से छूट देगी।’ असम सरकार ने कोविड -19 मामलों में बढ़ोतरी को नियंत्रित करने के अपने प्रयासों के तहत मंगलवार को 1 मई तक राज्य भर में रात 8 बजे से सुबह 5 बजे तक तत्काल प्रभाव से कर्फ्यू लगा दिया है।

इसमें कुछ को छूट दी गई है जिसमें ज्यादातर आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं से संबंधित हैं। रात के कर्फ्यू के दौरान व्यक्तियों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। विपक्षी कांग्रेस ने मंगलवार को सीईओ को पत्र लिखा और उनसे आग्रह किया कि वे चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों, उनके पोलिंग एजेंटों और स्ट्रांग रूप के बाहर तैनात राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ताओं को रात के कर्फ्यू से छूट दें।