पूर्वोत्तर राज्य असम में घुसे 22 बांग्लादेशियों को एक बार फिर उनके देश भेज दिया गया। असम की सुतारकंडी सीमा चौकी पर यह प्रक्रिया हुई। अधिकारियों ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के अधिकारियों की उपस्थिति में असम के करीमगंज जिले के सुतारकंडी में अंतरराष्ट्रीय बॉर्ड पर कानूनी प्रक्रियाओं के बाद बांग्लादेशी नागरिकों को निर्वासित किया गया।

रिपोर्टों के अनुसार, बांग्लादेशी नागरिक अलग-अलग समय पर असम के विभिन्न हिस्सों से वैध दस्तावेजों के बिना भारत में दाखिल हुए थे। सुतारकंडी आईसीपी के आव्रजन अधिकारी समरेंद्र चक्रवर्ती ने कहा कि बांग्लादेशी नागरिक रा’य की विभिन्न जेलों में बंद थे। कुल 22 बांग्लादेशी नागरिकों को निर्वासित किया गया है। वे धुबरी गुवाहाटी बोंगाईगांव, करीमगन, कछार की जेलों में बंद थे। बता दें कि असम में बांग्लादेशी अवैध घुसपैठियों की समस्या काफी गंभीर है। राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के अनुसार रा’य में 19 लाख से अधिक गैर भारतीय नागरिकों की पहचान की गई है। इनमें ज्यादातर बांग्लादेशी हैं।  

वहीं दूसरी तरफ सीमा सुरक्षा बल ने मनकाचर में भारत-बांग्लादेश सीमा पर सीमा पर एक बांग्लादेशी नागरिक की गोली मारकर हत्या कर दी। स्थानीय पुलिस सूत्रों ने कहा कि  मृतक तस्कर था और बांस की क्रेन की मदद से मवेशियों को भारत से बांग्लादेश ले जाने की कोशिश कर रहा था। मृतक की पहचान बांग्लादेश के कुरीग्राम जिले के रावमारी निवासी फरीदुल इस्लाम के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार BSF कर्मियों ने सीमा पर बाड़ के ऊपर बांस क्रेन की मदद से कुछ लोगों को मवेशियों की तस्करी करने की कोशिश करते देखा। उनसे उनकी पहचान के बारे में पूछने पर उन लोगों ने कथित तौर पर स्थान से भागने की कोशिश की, जिसके बाद बीएसएफ को गोली चलानी पड़ी।