भारतीय वायु सेना ने सिलचर-गुवाहाटी एक्सप्रेस के 119 यात्रियों को बचाया। ये यात्री भारी बारिश के बाद आई बाढ़ में फंस गए थे। सिलचर-गुवाहाटी ट्रेन कछार इलाके में फंसी हुई थी। बाढ़ के पानी के कारण ट्रेन न तो आगे बढ़ पा रही थी और न ही पीछे।

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कई घंटों तक ट्रेन के फंसे रहने के बाद, जिला प्रशासन ने भारतीय वायु सेना की मदद से 119 लोगों को बचाया। असम कई जगहों पर अचानक आई बाढ़ और बड़े पैमाने पर भूस्खलन से हालात काफी खराब हो गए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने कहा कि न्यू कुंजंग, फियांगपुई, मौलहोई, नामजुरंग, दक्षिण बगेतार, महादेव टिल्ला, कालीबाड़ी, उत्तरी बगेतार, सिय्योन और लोदी पंगमौल गांवों से भूस्खलन की सूचना मिली है, जहां करीब 80 घर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। एएसडीएमए ने कहा, जटिंगा-हरंगाजाओ और माहूर-फाइडिंग में रेलवे लाइन भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गई थी। 

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एएसडीएमए ने कहा कि असम के पांच जिलों में बाढ़ से लगभग 25,000 लोग प्रभावित हैं। सबसे बुरी तरह कछार क्षेत्र प्रभावित है, जिसमें 21,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद कार्बी आंगलोंग पश्चिम में लगभग 2,000 पीड़ित हैं और धेमाजी में 600 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। दो जिलों में स्थापित कुल दस राहत शिविरों में कम से कम 227 लोग शरण ले रहे हैं। कछार और होजई जिलों से सेना, अर्द्धसैनिक बलों, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), नागरिक प्रशासन और प्रशिक्षित स्वयंसेवकों द्वारा लगभग 2,200 लोगों को बचाया गया। गुवाहाटी के विभिन्न हिस्सों से जलभराव की घटनाएं सामने आई हैं। एएसडीएमए ने अगले 12-72 घंटों के लिए कछार, करीमगंज, धेमाजी, मोरीगांव और नगांव जिलों के लिए बाढ़ का अलर्ट जारी किया है।