असम के शिक्षा मंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने कुरान की पढ़ाई को लेकर बड़ा बयान दिया है और कहा है कि सरकारी पैसे पर कुरान की पढ़ाई नहीं कराई जा सकती। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कुरान की पढ़ाई हो सकती है तो फिर बाइबल और गीता की क्यों नहीं हो सकती। सरमा ने कहा कि मेरी राय में सरकारी पैसों पर 'कुरान' नहीं पढ़ाई जा सकती है, अगर हमें ऐसा करना है तो हमें बाइबल और भगवत गीता दोनों भी सिखाना चाहिए। इसलिए, हम शिक्षा में एकरूपता लाना चाहते हैं और इस प्रथा को रोकना चाहते हैं।
असम के शिक्षा मंत्री ने कहा कि सभी राज्य संचालित मदरसों को नियमित स्कूलों में परिवर्तित किया जाएगा या कुछ मामलों में शिक्षकों को राज्य संचालित स्कूलों में ट्रांसफर किया जाएगा और मदरसों को बंद कर दिया जाएगा। इसको लेकर नवंबर में एक अधिसूचना जारी की जाएगी।

सरमा ने कहा कि कई मुस्लिम लड़के फेसबुक पर हिंदू नाम से अकाउंट बनाते हैं और मंदिर के भीतर की अपनी तस्वीरें पोस्ट करते हैं। जब कोई लड़की ऐसे लड़के से शादी कर लेती है तो उसे पता चलता है कि लड़का उसके धर्म का नहीं है। यह प्रमाणिक शादी नहीं है, बल्कि एक विश्वासघात है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। अगले 5 वर्षों में हम यह देखने की कोशिश करेंगे कि सभी शादियां इच्छा से होती हैं और कोई धोखा नहीं है. हम ऐसे किसी भी विवाह के खिलाफ लड़ेंगे, जिसे धोखाधड़ी के आधार पर स्वीकार किया गया हो।