असम सरकार ने राज्य के निजी अस्पतालों में कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी के इलाज की दरें तय कर दी। इस बीच राज्य में कोवैक्सीन टीके की कमी को देखते हुए पहली खुराक के टीकाकरण को स्थगित कर दिया गया है। 

यहां जारी अधिसूचना के आधार पर राज्य सरकार ने निजी अस्पतालों की प्रकृति और उसमें दी जाने वाली सुविधा के आधार पर कोविड-19 महामारी के इलाज की दरें तय की हैं। असम के स्वास्थ्य मंत्री केशव महंत ने बताया कि कुछ अस्पतालों द्वारा कोरोना के इलाज के नाम पर मनमाना शुल्क वसूले जाने की शिकायतों को देखते हुए यह फैसला किया गया है। 

उन्होंने कहा कि अति विशिष्ट अस्पताल में सामान्य वार्ड के लिए प्रतिदिन का शुल्क 5,000 रुपये, साझा केबिन वाले के लिए 6,500 रुपये, बिना वेंटिलेटर वाले आईसीयू के लिए 10,000 रुपये और आईसीयू वाले वेंटिलेटर के लिए 15,000 रुपये शुल्क तय किया गया है। राज्य में वैक्सीन के मौजूदा स्टॉक में कमी को देखते हुए दूसरी खुराक का टीका लगवाने वाले मरीजों की प्रथमिकता देने का फैसला किया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वैक्सीन की आपूर्ति सुचारू होने के बाद कोवैक्सीन के टीके की पहली खुराक का फिर से टीकाकरण शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल टीके की आपूर्ति कम है इसलिए पहली खुराक का टीकाकरण स्थगित किया जा रहा है।