पूर्वोत्तर राज्य असम में तेजी से बढ़ते कोरोना मामलों (corona cases in Assam) के चलते मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (himanta biswa sarma) ने शनिवार को बड़ा फैसला लिया। सरमा ने बताया कि कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज (corona vaccination in assam) नहीं लेने वालों के लिए कल से सरकारी परिसरों, सार्वजनिक स्थानों और निजी प्रतिष्ठानों में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।

मुख्यमंत्री सरमा ने दिए बड़े निर्देश

इससे पहले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (himanta biswa sarma) ने लोगों से 15 जनवरी तक कोविड -19 वैक्सीन की दोनों खुराक का टीकाकरण (corona vaccine) कराने का आग्रह किया था। यह भी घोषणा की गई थी कि जिन लोगों को दोनों खुराक का टीका नहीं लगाया जाएगा, उन्हें कार्यालयों में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और वेतन में कटौती की जाएगी। इसके बाद जिला प्रशासन द्वारा एक अधिसूचना जारी की गई है, जिसमें यह उल्लेख किया गया है कि 15 जनवरी से वैध टीकाकरण प्रमाण पत्र के बिना किसी भी गैर-टीकाकरण व्यक्ति (non vaccinated people) को सरकारी परिसर और अस्पतालों के अलावा किसी अन्य सार्वजनिक स्थान पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

जल्द से जल्द बूस्टर डोज लगाने को कहा

इसी तरह होटल, मॉल और अन्य निजी प्रतिष्ठानों में गैर-टीकाकरण (non vaccinated people) वाले लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिसका उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को प्रशासन द्वारा लगाए गए नियमों का पालन करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही असम सरकार ने स्वास्थ्य कर्मचारियों और फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को कोरोना की बूस्टर डोज (Corona booster dose) लेने के लिए कहा है। ऐसी नहीं करने पर वेतन तक काट लेने की बात कही गई है। वहीं असम के राज्‍यपाल जगदीश मुखी (Assam Governor Jagdish Mukhi) भी कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। मीड‍िया र‍िपोर्टोंं के मुताब‍ि‍क संक्रमण की पुष्‍टि‍ होने के बाद जगदीश मुखी को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है। जहां राज्‍यपाल डॉक्‍टरोंं की न‍िगरानी में हैं। हालांक‍ि यह भी स्‍पष्‍ट नहीं हो पाया क‍ि वह वैक्सीन लेने के बाद वह संक्रम‍ित हुए हैं, यह उन्‍होंने अभी तक वैक्‍सीन नहीं ली थी।