असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 26 जुलाई को मिजोरम से लगी अंतरराज्यीय सीमा पर मुठभेड़ में मारे गए छह पुलिसकर्मियों के परिजनों को शुक्रवार को नियुक्ति पत्र दिया।

मुख्यमंत्री ने 10 मई को कार्यभार संभालने के बाद से उनके नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के 100 दिनों को चिह्नित करने के लिए एक संवाददाता समारोह को संबोधित करने से पहले यह नियुक्ति पत्र सौंपे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने एक असाधारण परिस्थिति में मृत कर्मियों के परिजनों को सरकारी नौकरियों में नियुक्त करने का फैसला किया है। मृतक सब-इंस्पेक्टर स्वपन कुमार रॉय, कांस्टेबल मजरूल हक बरभुइया, नजमुल हुसैन और समसुज जमां बरभुइया की पत्नियों के साथ-साथ कांस्टेबल लिटन शुक्लाबैद्य की बहन और हवलदार श्याम सुंदर दुसाद के बेटे को नौकरी दी गई है।

इसी के साथ अनुग्रह राशि के रूप में 50 लाख रुपये की राशि तुरंत परिवारों को सौंप दी गई और "सभी छह पुलिस शहीदों द्वारा किए गए बलिदान का सम्मान करने" के लिए उन्हें 75वे स्वतंत्रता दिवस को  मरणोपरांत 'संकट की स्थिति में मुख्यमंत्री विशेष सेवा पदक' से सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा की, “सरकार का यह कार्य राज्य की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के हित में निडर, ईमानदारी से और गर्व और समर्पण की भावना के साथ और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक सदस्य के लिए पुलिस बल के मनोबल को बढ़ाने के लिए बाध्य है।”

हमले में घायल हुए पुलिसकर्मियों को सरकार ने एक लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की है। बाद में कार्यक्रम स्थल पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराज्यीय सीमाओं पर शांति बनाए रखने के लिए सकारात्मक कदम उठाए गए हैं और राज्य सरकार ने अपनी जमीन की एक इंच भी अतिक्रमण न होने की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की है।

उन्होंने कहा कि पिछले महीने के दौरान राज्य सरकार ने नागालैंड और मेघालय सरकारों के साथ भी विवाद को सुलझाने और शांति बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों के साथ सीमा वार्ता की।