असम सरकार ने भारी बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद सड़क और रेल संपर्क में व्यवधान के कारण फंसे लोगों की मदद के लिए रियायती दर पर एक आपातकालीन सिलचर-गुवाहाटी उड़ान सेवा चलाने के लिए फ्लाईबिग एयरलाइन के साथ करार किया है।

ये भी पढ़ेंः काजीरंगा नेशनल पार्क के जानवरों को बाढ़ से बचाने के लिए बनाए गए 40 नए हाइलैंड्स


पहली उड़ान गुरुवार को शाम 5 बजे 70 यात्रियों के साथ सिलचर के लिए गुवाहाटी से रवाना हुई और सिलचर से गुवाहाटी के लिए 64 यात्रियों के साथ लौटी। बता दें कि असम में आई बाढ़ से अब तक 7 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं 11 लोगों की मौत हो चुकी है। लुमडिंग-बदरपुर पहाड़ी खंड पर 52 स्थानों पर भूस्खलन के कारण दीमा हसाओ के माध्यम से दक्षिण असम (बराक घाटी), त्रिपुरा, मिजोरम और मणिपुर के लिए रेल संपर्क शनिवार से बाधित हो गया। इसी तरह लुमडिंग से सिलचर और जोवाई (मेघालय) से सिलचर होते हुए त्रिपुरा, मिजोरम और मणिपुर से होते हुए सड़क मार्ग भी शनिवार को टूट गए।

ये भी पढ़ेंः बाढ़ से बेहाल हो गया है असम का दीमा हसाओ, आज मुख्यमंत्री सरमा करेंगे दौरा


असम पर्यटन विकास निगम (एटीडीसी) के एक अधिकारी ने बताया कि यह विशेष उड़ान सेवा गुरुवार से 3,000 रुपये प्रति व्यक्ति की निर्धारित लागत पर दस दिनों तक जारी रहेगी। एटीडीसी ने विशेष उड़ानें चलाने के लिए फ्लाईबिग एयरलाइन के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जो लोगों को निकालने का अपनी तरह का पहला प्रयास है। रेलवे के एक अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने रेल संपर्क बहाल करने के लिए एक जुलाई की समय सीमा तय की है। फ्लाईबिग के साथ समझौते के बाद मुख्यमंत्री ने यह भी खुलासा किया कि भारतीय वायु सेना दीमा हसाओ में फंसे लोगों को जोरहाट और सिलचर ले जाएगी और किसी भी कमी से निपटने के लिए दीमा हसाओ में खाद्य सामग्री भी गिराएगी। गुरुवार को करीब 400 फंसे हुए लोगों में से 128 को सिलचर पहुंचाया गया, जबकि छह मीट्रिक टन भोजन दीमा हसाओ में गिराया गया।