असम विधानसभा के चालू बजट सत्र में संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका ने बताया कि राज्य में मई 2021 से अब तक पुलिस गोलीबारी में कुल 29 लोग मारे गए और 96 घायल हुए। इस संबंध में विपक्ष के विधायक कमलाख्या डे पुरकायस्थ ने सवाल उठाए थे।

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बता दें कि मई 2021 में हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार बनने के बाद से कथित तौर पर पुलिस हिरासत से भागने के प्रयास के आधार पर आरोपी व्यक्तियों पर पुलिस की गोलीबारी में तेजी आई है। रायजोर दल के अध्यक्ष और शिवसागर के विधायक अखिल गोगोई ने असम विधानसभा में पुलिस फायरिंग के ऐसे मामलों की तुलना 'गुप्त हत्या' से की। 

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संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि भाग रहे अपराधियों पर गोली चलाने की ऐसी कार्रवाई असम में कोई नई बात नहीं है और पिछली सरकारों के कार्यकाल में भी की गई है। राज्य विधानसभा के चालू बजट सत्र में उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पिछले वर्ष की तुलना में राज्य में अपराध दर में 30 प्रतिशत की कमी आई है और कहा कि असम पुलिस अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रखेगी। वहीं पूर्वोत्तर राज्य असम आत्महत्या के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। राज्य में 2012 से अबतक 28,056 मामले आत्महत्या के पंजीकृत किए गए हैं। यह जानकारी सरकार ने सोमवार को विधानसभा में दी। मुख्यमंत्री और गृह विभाग के प्रभारी हिमंत बिस्वा सरमा ने लिखित जवाब में यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि इन व्यक्तियों द्वारा आत्महत्या करने के अलग-अलग कारण थे जिनमें पारिवारिक कलह, वित्तीय समस्या और रिश्ते खराब जैसे कारण शामिल हैं।