असम के कृषि मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि उनका विभाग खाद की कालाबाजारी को रोकने और कीमतों को काबू में रखने के लिए उर्वरक आपूर्ति श्रृंखला के सभी स्तरों पर विभिन्न रणनीतियों पर काम कर रहा है।

उन्होंने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हम जानते हैं कि कुछ गलत तत्वों की मिलीभगत के चलते किसानों को कई बार तय कीमतों से अधिक पर खाद खरीदनी पड़ती है। हम ऐसे सभी तत्वों से सख्ती से निपट रहे हैं और हमने कालाबाजारी बंद करने के लिए एक रणनीति तैयार की है, ताकि किसी भी किसान को सरकार द्वारा तय दरों से अधिक भुगतान न करना पड़े।’

उन्होंने कहा कि विभाग आपूर्ति श्रृंखला के तीन स्तरों पर काम कर रहा है। इसमें पहला स्तर- जहां किसान खुदरा विक्रेताओं से उर्वरक खरीदते हैं, दूसरा स्तर- थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं के बीच, और तीसरा स्तर - उर्वरक कंपनियों और डीलरों तथा थोक विक्रेताओं के बीच है।