असम सरकार ने सप्ताहांत का लॉकडाउन और रात का कर्फ्यू हटा दिया है। हालांकि, कोविड-19 से संबद्ध पाबंदियां निरूद्ध क्षेत्रों में 30 सितंबर तक लागू रहेंगी। मुख्य सचिव कुमार संजय कृष्णा ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इससे पहले, दिन में इस संबंध में एक आदेश भी जारी किया गया, जिसमें निरूद्ध क्षेत्रों के बाहर अनुमति प्राप्त विभिन्न गतिविधियों की सूची दी गई है। साथ ही, अगले आदेश तक जारी पाबंदियों के बारे में भी जानकारी दी गई है। 

आदेश में कहा गया है कि सात सितंबर से सार्वजनिक वाहनों के परिचालन को हरी झंडी दिखाई गई है। मुख्य सचिव ने ट्वीट किया, ‘‘सप्ताहांत का लॉकडाउन और रात का कर्फ्यू हटाया जाता है। हालांकि, कृपया खुद को और अपने आसपास के अन्य लोगों को सुरक्षित रखने के लिये कोविड-19 दिशानिर्देशों का पालन करें। ’’

कोरोना वायरस महामारी के प्रसार को रोकने के लिये समूचे राज्य में जून के अंत से सप्ताहांत का लॉकडाउन और रात का कर्फ्यू लगाया गया था। असम में कोविड-19 के 3,054 नए मामले सामने आने के बाद राज्य में शुक्रवार को संक्रमण के मामले बढ़कर 1,18,333 हो गए। वहीं, सात और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 330 हो गई। 

उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही बृहस्पतिवार को गुवाहाटी उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी जिला पुलिस प्रमुखों, उनसे कनिष्ठ अधिकारियों और थाना प्रभारियों को सड़कों पर सक्रिय होने का निर्देश दिया था।

कोविड-19 के मामले बढ़ने के मद्देनजर यह निर्देश जारी किया गया। खंडपीठ ने निर्देश दिया कि पुलिस यह अवश्य देखे कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनने और सामाजिक दूरी का पालन करने संबंधी आठ मई को राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेश का पालन हो रहा है या नहीं।

असम के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी कोविड-19 दिशानिर्देशों के अनुपालन पर गुवाहाटी उच्च न्यायालय के निर्देशों को लागू करने के लिये एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जा रही है।