असम ने गुवाहाटी में अपनी तरह की पहली डोर-टू-डोर टेस्टिंग लॉन्च की है। इसका फैसला गुवाहाटी में 15 जून के बाद से एक हजार कोरोना के नए केस आने के बाद किया गया।

असम के स्वास्थ्य मंत्री हिमंता बिस्वा ने ट्वीट किया कि "असम ने अपनी तरह का पहला मास टेस्टिंग अभियान शुरू किया है। स्वास्थ्य विभाग मंगलवार से गुवाहाटी के वार्ड नंबर 2 (पांडू एरिया) में हाउस-टू-हाउस टेस्टिंग शुरू करेगा। दो दिन में वार्ड में 3 हजार टेस्ट करने का लक्ष्य रखा गया है।" यूनिक टेस्टिंग स्ट्रैटजी के लिए ग्रिड टेस्टिंग में स्टैंडर्ड क्यू एंटीजन टेस्ट किट का इस्तेमाल किया जाएगा।

पूर्वोत्तर सबसे बड़े शहर गुवाहाटी में नए संक्रमण के मामलों में भारी वृद्धि के बाद असम ने दो लाख रैपिड एंटीजन टेस्ट किट खरीदे हैं। कोरोना ट्रांसमिशन चेन को तोड़ने के लिए गुवाहाटी में 12 जुलाई तक पूरी तरह से लॉकडाउन लागू है। राज्य सरकार के अनुसार कम्युनिटी ट्रांसमिशन के प्रमुख केंद्र पांडु क्षेत्र में पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च किया जाएगा। इस इलाके के 90 प्रतिशत से अधिक मरीजों की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है।

इस इलाके में पॉजिटिविटी रेट 38 फीसदी है। 33 हजार से अधिक लोग इलाके में बहुत भीड़भाड़ वाले उन क्षेत्रों में रहते हैं, जहां कई कंटोनमेंट जोन हैं। असम के स्वास्थ्य सचिव समीर सिन्हा के अनुसार "यह एक पायलट प्रोजेक्ट है। हम पांडु क्षेत्र से शुरुआत करेंगे। यह एक प्रमुख हॉटस्पॉट है। इसका अन्य हॉटस्पॉट तक विस्तार करेंगे और परिणामों के आधार पर इसके दायरे को और बढ़ाया जाएगा। यह करोना के संक्रमण की स्थिति जानने की आक्रामक परीक्षण रणनीति का एक हिस्सा है।" इसी रणनीति का इस्तेमाल ग्रिड टेस्टिंग होगा। टीमें इलाके में पहले से पॉजिटिव केस वाले के घरों में जाएंगी और अन्य सदस्यों की जांच करेंगी।

विभाग की योजना है कि हॉटस्पॉट में प्रत्येक घर का नक्शा बनाया जाए। सिन्हा ने बताया कि " इन घरों को कंटोनमेंट में रखा जाएगा। होम क्वारेंटाइन वाले परिवार के अन्य सदस्यों का रैपिड एंटीजन टेस्ट किट का उपयोग कर टेस्ट किया जाएगा। 20 मिनट में परिणाम मिलेंगे। घरों और परीक्षणों को रेंडमली ग्रिड करेंगे। यदि उन घरों में से कोई भी व्यक्ति पॉजिटिव हो जाता है, तो परिवार के सभी सदस्यों का परीक्षण करेंगे, क्षेत्र में ग्रिड बनाएंगे और पूरे क्षेत्र को दो दिन में कवर करने का प्रयास करेंगे "

असम में अब तक 4.71 लाख करोना टेस्ट किए गए हैं जिनमें से 12 हजार से अधिक लोग पॉजिटिव पाए गए। रैपिड एंटीजन टस्ट की शुरुआत से पहले यहां  आरटी-पीसीआर और ट्रूनेट के जरिए बड़े पैमाने पर टेस्ट हो रहे थे।