असम सरकार ने इस वर्ष महामारी के बीच दुर्गा पूजा आयोजन के लिए मंगलवार को दिशानिर्देश जारी किए जिसका पालन नागरिकों, आयोजकों और प्रशासन को सख्ती से करना होगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से जारी एक अधिसूचना के अनुसार पूजा समिति के सभी आयोजकों को इस वर्ष दुर्गा पूजा आयोजन के लिए अपने अपने जिला प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। 

अधिसूचना के अनुसार जिला प्रशासन कोविड-19 प्रोटोकॉल का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आयोजन की अनुमति देने से पहले सरकार द्वारा जारी किए गए प्रोटोकॉल या दिशानिर्देशों पर विस्तृत ब्रीफिंग के लिए सभी पूजा समितियों की बैठक बुलाएगा। इसके अनुसार पंडाल विशाल और सभी तरफ से खुले होने चाहिए, कम से कम एक मीटर की दूरी के लिए पर्याप्त स्थान होना चाहिए और एक बार में 10 से 30 से अधिक व्यक्ति इकट्ठे नहीं होने चाहिए। 

प्रवेश और निकास द्वार अलग-अलग होने चाहिए और मास्क का उपयोग सभी के लिए अनिवार्य होगा। यदि कोई आगंतुक मास्क के बिना पंडाल में आए तो आयोजकों को उसे मास्क मुहैया कराना होगा। वहीं पंडाल के प्रवेश और निकास द्वार पर हैंड सेनिटाइजर रखना होगा। अधिसूचना के अनुसार महामारी के चलते सख्त सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय के तहत पूजा पंडाल एवं आस-पास के क्षेत्रों को दिन में दो बार सेनेटाइज किया जाना चाहिए। 

सभी स्वयंसेवकों, पुजारियों और आयोजकों को पंचमी के दिन और विसर्जन के बाद अनिवार्य रूप से जांच करवानी होगी। इसमें कहा गया है कि पुजारी को माइक्रोफोन का उपयोग करना चाहिए ताकि भक्तों को उसके करीब आने की जरूरत न हो और 'प्रसाद' या सामुदायिक भोज का कोई वितरण नहीं होगा। हालांकि आयोजकों द्वारा भक्तों के निवास स्थानों पर प्रसाद के पैकेट वितरण किया जा सकता है।