कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन के बीच असम सरकार ने निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता को बड़ी राहत दी है। दरअसल सरकार का कहना है कि निजी स्कूल मार्च महीने की आधी फीस ही लेंगे। आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर किसी छात्र ने मार्च महीने का पूरा पैसा जमा कर दिया है तो भी उससे फीस की आधी राशि ही ली जाएगी, बाकी के पैसे अगले महीने की फीस में एडजस्ट होगी। यह आदेश प्री-प्राइमरी से 12वीं तक के बच्चों की फीस पर लागू होगा।

वहीं इन स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए भी सरकार ने बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने स्कूल को आदेश दिया है कि स्कूल में काम करने वाले किसी भी शिक्षक या स्टाफ के पैसे ना काटे जाएं। असम के शिक्षा मंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा ने सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि अगर कोई स्कूल सरकारी आदेश की अवहेलना करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डिजास्टर मैनेजमेंट के तहत संबंधित संस्थानों को बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने निर्देश जारी करते हुए कहा, कोई भी स्कूल राज्य सरकार की अनुमति के वगैर स्कूल की फीस में इजाफा भी नहीं कर सकता है। साथ ही कोई भी निजी स्कूल, काम करने वाले शिक्षक और स्टाफ की सैलरी भी नहीं काट सकता।

गौरतलब है कि हाल ही में असम सरकार ने राजकोषिय घाटा कम करने के लिए पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। राज्य में पेट्रोल के दाम 71.61 पैसे से बढ़ाकर 77.46 पैसे और डीजल के दाम 65.07 रुपये से बढ़ाकर 70.50 रुपये कर दिए गए हैं। राज्य के वित्त और स्वास्थ्य मंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को कहा, 'देशव्यापी लॉकडाउन के कारण राज्य को हुए नुकसान की भरपाई के लिए असम सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी की है। पेट्रोल-डीजल के दाम में यह बढ़ोतरी अस्थायी है और हम सबको को इसका बोझ सहन करना होगा। जैसे ही कोरोना वायरस खत्म होगा, इसकी फिर से समीक्षा करेंगे।'