गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने असम सरकार को निचले असम के गोलपारा जिले में एक निरोधक केंद्र के निर्माण को पूरा करने के लिए सोमवार को 45 दिन का समय दिया। न्यायमूर्ति कल्याण राय सुराना ने शांतनु बोरठाकुर की रिट याचिका और कई अन्य याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को गोलपारा के मटिया में निरोधक केंद्र के निर्माण को पूरा करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया, जिनका नाम बदलकर अब पारगमन शिविर कर दिया गया है। 

अदालत ने कहा, न्यायालय प्रस्तावित निरोधक केंद्र के निर्माण को पूरा करने और नजरबंद लोगों को उक्त केंद्र में स्थानांतरित करने के लिए राज्य सरकार को 45 दिन का समय दे रहा है। याचिकाकर्ता द्वारा अदालत को सूचित किया गया था कि वर्तमान में राज्य के विभिन्न निरोधक केंद्रों में लगभग 177 लोग बंद हैं और उनमें से अधिकांश आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाये हैं, जो उन्हें मुक्त करने के लिए आवश्यक हैं। अदालत ने कहा, राज्य सरकार ने अनुमान लगाया था कि गोलपारा में निरोध केंद्र का निर्माण सितंबर 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा।