असम सरकार ने बुधवार को कहा कि राज्य में बनने वाले नए ऑक्सीजन संयंत्रों को वह नि:शुल्क बिजली मुहैया कराएगी। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए कई निर्णय किए गए। इसके अलावा राज्य में प्रभारी मंत्रियों के पदनाम को बदलकर गार्जियन मंत्री किया जाएगा, जो अपने जिलों के लिए जिम्मेदार होंगे। 

मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि अगर कोई नया ऑक्सीजन संयंत्र लगाया जाता है तो राज्य सरकार सौ फीसदी नि:शुल्क बिजली आपूर्ति करेगी। बंद ऑक्सीजन संयंत्रों को बहाल करने के लिए 100 फीसदी नि:शुल्क बिजली दी जाएगी। इसी तरह अगर वर्तमान संयंत्र का विस्तार होता है तो नई इकाई को भी नि:शुल्क बिजली दी जाएगी। 

सभी वर्तमान ऑक्सीजन संयंत्रों को 20 फीसदी नि:शुल्क बिजली दी जाएगी। ऑक्सीजन संयंत्रों को लेकर ये सभी निर्णय एक जनवरी 2021 से प्रभावी होंगे लेकिन वित्तीय गणना इस वर्ष एक अप्रैल से होगी।

कैबिनेट ने निर्णय किया कि बोडोलैंड क्षेत्र और कार्बी आंगलांग तथा दीमा हसाओ स्वायत्तशासी परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्यों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जाएगा। सीएमओ की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि देवजीत सैकिया को राज्य का नया महाधिवक्ता नियुक्त किया गया है। 

कोरोना काल में देश में ऑक्सीजन की भारी किल्लत हुई। इसके चलते कई मरीजों की मौत भी हो गई। अब असम समेत सभी राज्यों में ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना पर जोर दिया जा रहा है।