असम में बाढ़ की तीसरी लहर आने से पैदा हुए हालात में अब थोड़ा सुधार आया है, फिर भी राज्य के सात जिलों के 2.71 लाख लोग अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। गुरुवार को आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि मध्य असम के नागांव जिले में 1,90,537 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। सात जिलों के 426 गांवों में 25,307 हेक्टेयर खेतों में लगी फसलें डूब गई हैं। ये जिले हैं नागांव, बारपेटा, बिस्वनाथ, होजाई, मोरीगांव, गोलपाड़ा और पश्चिमी कार्बी। अभ्यारण्यों और राष्ट्रीय उद्यानों में लगभग 46,000 पशुओं के लिए यह बाढ़ मुसीबत बनी हुई है।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों ने कहा कि कोविड-19 संकट के बीच तीसरी बार बाढ़ आई है। इससे 13 जिलों के 390 गांवों में 13,500 हेक्टर में लगी फसल डूब गई है। उन्होंने कहा कि नागांव जिले में एक व्यक्ति की मौत हो गई है और धेमाजी जिले में एक व्यक्ति लापता है। राज्य में इस साल बाढ़ से अब तक 119 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। बता दें कि इससे पहले भी असम में महीने भर पहले भीषण बाढ़ आ चुकी है। ऐसे में राज्य में लाखों लोग इससे प्रभावित हुए थे व कई जिले जलमग्न हो गए थे। 

वहीं बाढ़ का प्रकोप जंगली जीवों पर भी देखने को मिला। कांजीरंगा नेशनल पार्क में बाढ़ के कारण कई जानवरों की मौत भी हो गई। हालांकि इस दौरान NDRF और राहत बचाव दलों द्वारा कई गांवों व जिलों में काफी बेहतर काम किया गया और समय से पहले कई जगहों पर लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया। बता दें कि बाढ़ से अबतक 119 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।