असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी रही, जिसमें एक बच्चे सहित दो और लोगों की जान चली गई और सात जिलों में 5.61 लाख से अधिक लोग अभी भी बाढ़ से पीड़ित हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, नागांव जिले के कामपुर और राहा में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके साथ ही इस साल आई बाढ़ और भूस्खलन में जान गंवाने वालों की कुल संख्या 30 पहुंच गई है।

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एएसडीएमए ने कहा कि कछार, दीमा हसाओ, हैलाकांडी, होजई, कार्बी आंगलोंग पश्चिम, मोरीगांव और नगांव जिलों में 5,61,100 से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। 3.68 लाख से अधिक लोगों के साथ नागांव सबसे ज्यादा प्रभावित है, इसके बाद कछार में लगभग 1.5 लाख लोग और मोरीगांव में 41,000 से अधिक लोग प्रभावित हैं। एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (IMCT)  गुवाहाटी पहुंची और राज्य में बाढ़ और भूस्खलन के नुकसान के आकलन के लिए राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग और ASDMA अधिकारियों के साथ बातचीत की।

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एएसडीएमए ने एक बयान में कहा कि पहला समूह कछार और दीमा हसाओ जिलों का दौरा करेगा, जबकि दूसरा समूह दरांग, नगांव और होजई का दौरा करेगा। एएसडीएमए ने कहा कि वर्तमान में 956 गांव पानी के नीचे हैं और पूरे असम में 47,139.12 हेक्टेयर फसल क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है। अधिकारी छह जिलों में 365 राहत शिविर और वितरण केंद्र चला रहे हैं, जहां 13,988 बच्चों सहित 66,836 लोग शरण लिए हुए हैं। अब तक 1,243.65 क्विंटल चावल, दाल और नमक, 5,075.11 लीटर सरसों का तेल, 300 क्विंटल पशु चारा और अन्य बाढ़ राहत सामग्री वितरित की जा चुकी है। धुबरी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, नलबाड़ी, शिवसागर, दक्षिण सलमारा, तिनसुकिया और उदलगुरी जिलों से बड़े पैमाने पर कटाव की सूचना मिली है।