असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के सीईओ जीडी त्रिपाठी ने कहा कि बुजुर्ग यात्री, जो निकासी ट्रेन तक पहुंचने के लिए रेलवे पुल को पार नहीं कर सके, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर एयरलिफ्ट किया जा रहा है। रविवार सुबह प्रक्रिया शुरू हुई।

त्रिपाठी ने कहा कि “दीमा हसाओ और कछार जिले के बीच भूस्खलन के कारण एक ट्रेन फंस गई थी। रेलवे पुल टूट गया था, हालांकि रेल ट्रैक अभी भी बरकरार है। अधिकांश यात्री इससे नीचे उतरे, ”।


एक अन्य ट्रेन, 15615 गुवाहाटी-सिलचर एक्सप्रेस भी अवरुद्ध रेल मार्ग के कारण न्यू हाफलोंग में फंसी रही। हालांकि, यात्रियों ने सड़क मार्ग से माईबोंग की यात्रा की, जहां एक विशेष ट्रेन उन्हें गुवाहाटी तक ले जाने के लिए इंतजार कर रही थी। असम राइफल्स ने न्यू हाफलोंग में बचाव अभियान में मदद की।
उन्होंने कहा कि “न्यू हाफलोंग में 1,200 से 1,300 यात्री फंसे हुए थे, लेकिन उनमें से कई पहले ही सड़क मार्ग से अपने गंतव्य की ओर निकल चुके थे। रविवार दोपहर तक न्यू हाफलोंग में फंसे यात्रियों की संख्या लगभग 800 थी ”। इस बीच, राज्य में बाढ़ की स्थिति खराब हो गई है क्योंकि प्रभावित आबादी शनिवार को 24,000 से बढ़कर रविवार शाम को 56,000 हो गई है।
ASDMA की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, छह जिलों- कछार, धेमाजी, होजई, कार्बी आंगलोंग पश्चिम, नगांव और नलबाड़ी में बाढ़ से 56,669 लोग प्रभावित हुए हैं। दक्षिण असम के कछार जिले में सबसे ज्यादा 41,037 लोग प्रभावित हुए।

कछार, होजई और पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिलों में लगभग 4,300 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। करीब 10,321 हेक्टेयर फसल क्षेत्र बाढ़ के पानी में डूब गया है। हाफलोंग के कोकाई पुंगची इलाके में भूस्खलन से उनका घर दबने से शनिवार सुबह दीमा हसाओ में तीन लोगों की मौत हो गई।