असम में बाढ़ ने भयानक रूप ले लिया है जिसके चलते अब तक सैंकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है जबकि लाखों लोग बेघर हो गए हैं। असम में आफत की बारिश से लोग दो चार हो रहे हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। प्रकृति का कोप झेल रहे असम के 33 में से 26 जिलों के ढाई हजार से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
कल यानि 23 जुलाई को 4 और लोगों की मौत के साथ ही मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 129 हो गया है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने बताया कि राज्य में चार लोगों की मौत हुई है। बारपेटा, डिब्रूगढ़, कोकराझार, बंगाईगांव, तिनसुकिया जिले बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हैं।
राज्यपाल जगदीश मुखी ने बाढ़ प्रभावित जिलों का हवाई सर्वे किया। वहीं मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बाढ़ प्रभावित दारंग और कामरुप जिले का दौरा किया। ब्रह्मपुत्र का जलस्तर बढ़ने से 2525 गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे सवा लाख हेक्टेयर से ज्यादा फसल बर्बाद हो गई है। गोलाघाट में स्थिति इतनी खराब है कि इलाके में छह से आठ फुट तक पानी भरा है। लगभग 800 सौ राहत शिविरों में 60 हजार लोगों ने शरण ले रखी है।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ ने अब तक 452 लोग की जान बचाई है, जो बाढ़ में फंसे हुए थे। ब्रह्मपुत्र का जलस्तर बढ़ने से सड़कों, पुलों और पुलियों को नुकसान पहुंचा है। जानवर भी बाढ़ की विभीषिका झेलने को मजबूर हैं। काजीरंगा नेशनल पार्क समेत दूसरे वन्यजीव अभयारण्यों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। काजीरंगा में 125 से ज्यादा जानवरों की मौत हो चुकी है, जबकि इतने ही जानवरों को बचाया गया है।