भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्‍ता केदार कश्यप ने राज्‍य सरकार पर तीखे हमले बोले हैं। असम के बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के विधानसभा उम्मीदवारों का चित्रकूट के रेस्ट हाउस में आवभगत करने का विरोध किया है। छत्‍तीसगढ़ की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रही है। वहीं, राज्‍य सरकार असम से लाए गए नेताओं की सेवा में व्‍यस्‍त है।

छत्तीसगढ़ कोरोना पेसेंट के मामले में सबसे ऊपर है। प्रतिदिन 15 हजार से अधिक मामले आ रहे है। सैकड़ों की रोजाना अकाल मृत्यु हो रही है, पर सरकार की चिंता चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की नहीं है। सरकार की चिंता तो असम से आए हुए 25, 30 प्रत्याशी की है, जिन्हे सरकार ने चित्रकोट के रेस्ट हाउस में रुकवाया है। सरकार उनकी आवभगत करने में ही व्‍यस्‍त है। सरकार का तंत्र बस उनकी खातिरदारी में लिप्त है।

मंत्री, सांसद, विधायक सेवा में लगे हुए हैं, जबकि पूरे बस्तर में धारा 144 लगी हुई है। लॉकडाऊन लग रहा है। फिर दूसरे प्रदेश के लोग बस्तर में आ रहे हैं और रेस्ट हाउस में ठहराए गए हैं। ये किसके निर्देश पर रुके हुए हैं? केदार कश्‍यप ने कहा कि मेरा सरकार से आग्रह है जल्द उन्हें प्रदेश से बाहर किया जाए। बस्तर की चरमराती चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करें।