गुवाहाटी स्थित न्यूरोसर्जन डॉ. नवनील बरुआ, जिनसे पुलिस ने पुलिस जांच से बचने के लिए राजकन्या बरुआ (Rajkanya Baruah) की मदद करने के लिए पूछताछ की थी, ने कथित तौर पर जांच अधिकारी को बताया कि उन्होंने मॉडल को GNRC अस्पताल में भर्ती करने से पहले DGP भास्कर ज्योति महंत  (Bhaskar Jyoti Mahanta’)को सूचित किया था।


न्यूरोसर्जन डॉ. बरुआ ने कथित तौर पर 29 वर्षीय राजकन्या (Rajkanya Baruah) को सिर की चोट के बारे में "झूठे चिकित्सा प्रमाण पत्र" पर हस्ताक्षर करके 3 अक्टूबर को अस्पताल में भर्ती कराया था। हालांकि डॉ. बरुआ ने इस आरोप से इनकार किया कि वह झूठे प्रमाण पत्र जारी कर राजकन्या की रक्षा कर रहे हैं।


मॉडल ने उस प्रमाणपत्र का हवाला देते हुए पुलिस पूछताछ में भाग नहीं लिया। रिपोर्टों के अनुसार, न्यूरोसर्जन ने GNRC में आईयूसी में स्थानांतरित करने से पहले DGP महंत से परामर्श किया था। डॉ. बरुआ ने डीजीपी को पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया और असम पुलिस प्रमुख ने कथित तौर पर पूर्व मिस इंडिया फाइनलिस्ट को आईसीयू में भर्ती करने के लिए 'आगे बढ़ें'।