असम के जोरहाट की एक अदालत ने टेओक चाय एस्टेट के डॉक्टर डेबेन दत्ता की पैरवी के लिए हैरान कर देने वाला फैसला सुनाया है। जिसमें कोर्ट ने एक चाय बागान के मजदूर को मौत की सजा और 24 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जानकारी के लइए बता दें कि जिला और सत्र न्यायालय, जोरहाट के न्यायाधीश रॉबिन फुकन ने 25 चाय श्रमिकों को दोषी ठहराया।  

पुलिस ने बताया कि टेओक चाय एस्टेट के डॉक्टर डेबेन दत्ता की लिंचिंग के लिए 32 चाय बागान मजदूरों को गिरफ्तार किया था और उनके खिलाफ चार्जशीट दायर की। मामला ये था कि टेओक चाय एस्टेट डेबेन दत्ता (73 वर्षीय) पर उन्हीं के श्रमिकों के एक वर्ग ने हमला किया। जोरहाट जिले के जोगदुआर इलाके के निवासी दत्ता ने जोरहाट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (JMCH) में दम तोड़ दिया।


एक साथ इतने लोगों ने मिलकर टेओक चाय एस्टेट डेबेन दत्ता पर जानलेवा हमला किया। इसी मामले में रक्षा परिषद अनूप दत्ता ने कहा कि वे उच्च न्यायालय में फैसले की अपील करेंगे। साथ ही ये भी कहा कि फैसले की प्रति मिलने के बाद, वे उच्च न्यायालय का रुख करेंगे और निचली अदालत द्वारा दिए गए फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। लेकिन अदालत ने टेओक चाय एस्टेट डेबेन दत्ता को न्याय दिया और आरोपियों को सजा दी।