दरांग जिले में बेदखली अभियान के संदर्भ में भड़काऊ टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए कांग्रेस विधायक शर्मन अली अहमद (Congress MLA Sharman Ali Ahmed) को यहां की एक स्थानीय अदालत ने मंगलवार को और दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

गुवाहाटी में कामरूप जिला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने रविवार को विधायक को भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के तहत दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था। अदालत में मंगलवार को पेश किए जाने से पहले अहमद को उनकी आवाज का नमूना रिकॉर्ड करने के लिए राज्य की फॉरेंसिक प्रयोगशाला (forensic laboratory) ले जाया गया।

कांग्रेस की असम इकाई ने सोमवार को विधायक को पार्टी के अनुशासन का ‘‘बार-बार उल्लंघन’’ करने के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। उससे पहले, पार्टी ने राज्य में उपचुनावों से पहले ‘‘सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ’’ बयानों के लिए विधायक को कारण बताओ नोटिस दिया था।

पिछले महीने दरांग में बेदखली का अभियान पहले दिन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन दूसरे दिन स्थानीय लोगों ने कड़ा प्रतिरोध किया। पुलिस की गोलीबारी में 12 वर्षीय लड़के सहित दो लोगों की मौत हो गई। झड़प में पुलिसकर्मियों सहित 20 से अधिक लोग घायल हो गए।

अहमद (Ahmad) ने ये टिप्पणियां भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन के कुछ नेताओं के इस दावे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए की थी कि दरांग जिले के सिपाझार इलाके में कथित अतिक्रमणकारियों ने असम आंदोलन के दौरान 1983 में आठ लोगों की ‘‘हत्या’’ की थी।

अहमद (Ahmad) ने कथित तौर पर कहा था कि 1983 के आंदोलन में मारे गए आठ लोग ‘‘शहीद नहीं, बल्कि हत्यारे’’ थे, क्योंकि वे सिपाझार इलाके के अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को मारने में शामिल थे। उन्होंने कहा था कि आठ लोगों पर हुआ "हमला" उस क्षेत्र की मुस्लिम आबादी द्वारा ‘‘आत्मरक्षा’’ का कार्य था।