असम में विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा में जुबनी जंग शुरू हो गई है। बहर पक्ष विपक्ष दल एक दूसरे पर हमला बोल रहे हैं। इसी कड़ी में केंद्रिय गृह मंत्री अमित शाह पर असम कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा ताबतोड़ आरोप लगाए हैं। रिपुन बोरा ने कहा कि   कांग्रेस के शासन में असम में संघर्ष और उग्रवाद कम हुआ था। फिर भी अमित शाह ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लागू करके असम को संघर्ष और उग्रवाद के दिनों में वापस धकेल दिया है।


रिपुन ने कहा कि असम कांग्रेस ही थी जिसने असम को संघर्ष और उग्रवाद से बाहर निकाला और राज्य मे अमन कायम किया। लेकिन जब से भाजपा सत्ता में आई है असम की संस्कृती पर खतरा आ गया और असमिया उग्रवाद की दलदल में फंस गए हैं। रिपुन ने कहा कि अमित शाह का सीएए कानून जिसने असम को संघर्ष, कर्फ्यू और हिंसा के जाल में  फंसा दिया है। शांति के बिना कोई प्रगति नहीं हो सकती है।

असमिया कांग्रेस को वापस लेना चाहता है। कांग्रेस के अध्यक्ष रिपुन बोरा ने नागांव में गृहमंत्री अमित शाह द्वारा दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया दी है। अमित ने बयान में कहा था कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में असम में संघर्ष और हिंसा में कमी आई है। अमित शाह ने कहा कि “एक समय था जब असम आंदोलन और हिंसा के लिए जाना जाता था। पीएम मोदी ने असम में प्रतिष्ठा लाने के लिए सब कुछ किया।”