असम के मुख्यमंत्री (Assam CM) हिमंत बिस्व सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने शनिवार को व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारियों (PSO) को ‘कांग्रेस की संस्कृति’ करार देते हुए राज्य के भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों से इसे छोड़ने का आह्वान किया. साथ ही कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि यह कांग्रेस पार्टी की संस्कृति है. मुख्‍यमंत्री सरमा के पास गृह विभाग भी है. उन्‍होंने ने कहा, “मैं राज्य भाजपा अध्यक्ष (भाबेश कलिता) से पार्टी नेताओं को पीएसओ (personal security officer) छोड़ने के लिए प्रभावित करने के लिए कहूंगा.

भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 97वीं जयंती के अवसर पर गुवाहाटी में एक समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया, “पीएसओ की कोई जरूरत नहीं है. यह कांग्रेस पार्टी की संस्कृति है. हमें जीवन के लिए कोई खतरा नहीं है, क्योंकि हमने कुछ भी गलत नहीं किया है.” 

उन्होंने कहा, हमें जान का कोई खतरा नहीं है. हमें पीएसओ की आवश्यकता क्यों होगी? हमें कौन मारेगा? यह कांग्रेस की संस्कृति है. 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस बात की गारंटी दे सकते हैं कि भाजपा के किसी भी सदस्य को कोई खतरा नहीं है. सरमा ने कहा, हमने कोई बुरा काम नहीं किया है. अब कोई सक्रिय (उग्रवादी) संगठन भी नहीं हैं. हालांकि कुछ लोगों का उनके खिलाफ पुराना मुद्दा हो सकता है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पास पीएसओ को हटाने का अधिकार है, लेकिन वह पार्टी की ओर से अनुरोध आने का इंतजार कर रहे हैं. सरमा ने कहा, मैं पीएसओ को हटा सकता हूं. लेकिन मैं इस बात का इंतजार कर रहा हूं कि हमारे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष इस मामले को खुद आगे बढ़ाएंगे.