असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बुधवार को कहा कि गुवाहाटी एयरपोर्ट हमेशा लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के नाम से ही जाना जाएगा।

उन्होंने यह टिप्पणी एयरपोर्ट का नाम कथित तौर पर बदले जाने से उत्पन्न विवाद पर दिया। एयरपोर्ट को गुजरात आधारित अडानी समूह को सौंपे जाने के खिलाफ विपक्षी दल, छात्र और युवा संगठन विरोध कर रहे हैं।

इतना ही नहीं, मंगलवार और बुधवार को कुछ समाचारपत्रों में प्रकाशित विज्ञापन के बाद एयरपोर्ट के नाम को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया। विज्ञापन अडानी गुवाहाटी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट लिमिटेड द्वारा जारी किया गया था।

इसमें लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर कुछ गैर एयरोनॉटिकल सेवाओं के लिए निविदा मांगी गई थी। गोलाघाट में एक कार्यक्रम के इतर सीएम सरमा ने कहा कि कोई भी एयरपोर्ट का नाम बदल नहीं सकता है। यह हमेशा लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट ही रहेगा। किसी को भी नाम को लेकर विवाद नहीं खड़ा करना चाहिए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तब वह असम के मुख्यमंत्री और नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं तब तक एयरपोर्ट का नाम नहीं बदलेगा। प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री गोपीनाथ बोरदोलोई के नाम पर एयरपोर्ट का नाम है। भारत रत्न से सम्मानित बोरदोलोई का प्रदेश के लोग अभी भी बहुत सम्मान करते हैं।

पिछले साल 19 अगस्त को केंद्रीय कैबिनेट ने गुवाहाटी, जयपुर और तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट को संचालन, प्रबंधन और विकास के लिए 50 साल की लीज पर अडानी एंटरप्राइजेज को सौंपने का फैसला लिया था। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रिपुन बोरा ने दावा किया कि एयरपोर्ट पर लगे साइनबोर्ड अब इसे अडानी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट दिखा रहे हैं।