गुवाहाटी। असम के जोरहाट में ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) के एक नेता की भीड़ द्वारा हत्या मामले में सोमवार को एक स्थानीय अदालत में 14 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपपत्र घटना के 50 दिन के अंदर दाखिल किया गया है। जोरहाट के पुलिस अधीक्षक अंकुर जैन ने कहा, 'एक नाबालिग आरोपी के खिलाफ भी आरोपपत्र दाखिल किया गया है।' जैन ने आगे बताया कि पिछले साल 29 नवंबर को एक सड़क हादसे को लेकर भीड़ ने एएएसयू के नेता अनिमेष भुइयां की हत्या कर दी थी। इस घटना के संबंध में 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इन 15 में से 14 लोगों के खिलाफ आरोप वैध पाए गए थे और जांच के दौरान एक आरोपी की मृत्यु हो जाने से 12 के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था। जबकि एक आरोपी को उसके खिलाफ सबूत न मिलने के चलते छोड़ दिया गया था।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में मुख्य आरोपी नीरज दास उर्फ कोला लोरा (Main accused Neeraj Das) की एक दिसंबर को मौत हो गई थी जब वह पुलिस की गाड़ी से कूद कर भागने की कोशिश कर रहा था। इस दौरान नीरज दास पीछा कर रहे एक पुलिस के वाहन की टक्कर से अपनी जान गंवा बैठा था। जैन ने आगे बताया कि इस मामले में सभी गवाहों को गवाह सुरक्षा अधिनियम के तहत रखा गया है और उनकी पहचान को भी गुप्त रखा गया है। बता दें कि इस मामले की जांच आठ सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के दिशानिर्देश पर की है। 

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Chief Minister Himanta Biswa Sarma) ने इस मामले में एक ट्वीट कर लिखा, 'जैसा कि वादा था जोरहाट पुलिस ने अनिमेष भुइयां (Animesh Bhuyan) की हत्या के मामले में 50 दिन के अंदर इस मामले के 14 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दिया है (एक आरोपी की मौत हो चुकी है और एक आरोपी नाबालिग है)।'