देश के कई राज्यों में कोरोना वायरस का विकराल रूप देखने को मिल रहा है। महामारी के बढ़ते संक्रमण की वजह से अब दवाई और बेड की कमी संबंधी दिक्कतें सामने आ रही हैं। कोरोना वायरस के खिलाफ कारगर दवाई रेमेडिसविर की कमी से बचने के लिए अब केंद्र सरकार ने इसके अत्पादन को बढ़ाने पर जोर दिया है। वहीं असम में गरीबी रेखा से नीचे यानी बीपीएल कार्ड धारक कोरोना रोगियों के लिए रेमेडिसविर दवा मुफ्त में देने का ऐलान किया है। शनिवार को असम के स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, अस्पतालों में कोविड रोगियों के इलाज के लिए हमारे पास रेमेडिसविर इंजेक्शन के पर्याप्त स्टॉक है।

असम में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों ने प्रदेश सरकार की चिंता बढ़ा दी है। इस बीच राज्य में चल रहे विधानसभा चुनाव के बीच कोविड-19 मामलों में और अधिक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। महामारी में गरीबों को दवा ना खरीदनी पड़े इसके लिए राज्य सरकार ने बीपीएल रोगियों को बड़ी राहत दी है। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को बताया, 'बीपीएल रोगियों को रेमेडिसविर मुफ्त प्रदान किया जाएगा, जबकि गैर-बीपीएल रोगियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, असम द्वारा रेमेडिसविर की खरीद की दर के बराबर रेमेसदिविर का खर्च वहन करना होगा।'

इस बीच कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए रेमेडिसविर इंजेक्शन कीमतों में बड़ी कटौती का ऐलान किया है। सरकारी आदेश के बाद कंपनियों ने दवा के दाम 70 फीसदी तक गिरा दिए हैं। इससे पहले सरकार ने बढ़ती मांग को देखते हुए रेमेडिसविर दवा के उत्पादन को बढ़ाने का फैसला किया था। मालूम हो कि रेमेडिसविर दवा को इबोला वायरस के इलाज के रूप में विकसित किया गया था, लेकिन कोरोना के खिलाफ भी कारगर साबित होने के बाद इसका इस्तेमाल कोविड रोगियों पर भी किया जा रहा है।